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Delhi Blast: किराये की कार से मेवात से लाया गया था विस्फोटक, उमर ने इतने रुपये रोजाना पर रेंट पर ली थी गाड़ी

Tue, 18 Nov 2025 10:36 AM IST
शाहरुख खान पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में हुए कार बम धमाके की जांच में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब नया खुलासा हुआ है कि मेवात से विस्फोटक किराये की कार से लाया गया था। जीपीएस सिस्टम नहीं लगा होने से रूट का पता नहीं चला था। उमर ने 1500 प्रतिदिन पर बिना चालक की कार किराये पर ली थी।
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Delhi blast - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए बम धमाके में सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। डॉक्टर उमर नबी ने अल फलाह विश्वविद्यालय के पास मौजूद धौज गांव में एक टैक्सी स्टैंड के मालिक से तीन दिन के लिए बिना चालक की कार किराए पर ली थी। 

जांच एजेंसियां आशंका जता रही है कि जब्त किया गया अमोनियम नाइट्रेट इसी कार के जरिये मेवात से लाया गया था। कार में जीपीएस नहीं होने से डॉ. उमर किस रूट से गया इसका पता नहीं चल पा रहा है।
 
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद वाहन के पुर्जे को लेकर जाता पुलिसकर्मी - फोटो : पीटीआई
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उमर और नबी बिना ड्राइवर वाली कार किराए पर इसलिए लेते थे ताकि उनके मूवमेंट को ट्रैश न किया जा सके। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस टैक्सी स्टैंड की ज्यादातर कार विवि में किराए पर जाती हैं। 
 
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Delhi blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टैक्सी स्टैंड मालिक को उमर ने आधार कार्ड दिखाया था और एक दिन का किराया 1500 रुपये तय किया था। तीन दिन की पेमेंट 4500 रुपये ऑनलाइन की थी। दिल्ली पुलिस ने इस टैक्सी मालिक को पूछताछ के लिए दिल्ली उठाकर लेकर आई थी। 

 

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दिल्ली में हुए धमाके के बाद मौके पर तैनात पुलिसबल - फोटो : पीटीआई
टैक्सी स्टैंड मालिक ने पुलिस को बताया कि उसकी कार में जीपीएस सिस्टम नहीं लगा इस कारण ये पता नहीं लग रहा है आरोपी उमर कार को कहां-कहां लेकर गया था।
 
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच करती टीम - फोटो : पीटीआई
कई सिम बदले, पुराने नंबरों से पकड़े जा रहे हैं आरोपी
लाल किला बम धमाके का गुनहगार डाक्टर उमर नबी सिम और मोबाइल नंबर बहुत जल्दी-जल्दी बदल रहा था। दिल्ली पुलिस जब सीसीटीवी फुटेज का बैक रूट बनाते-बनाते मेवात पहुंची तो पुलिस को उमर के पुराने संपर्क मिले। स्पेशल सेल के साथ काम कर रही दक्षिण-पूर्व की टीमें उमर के उन तीन संपर्क तक पहुंची। 


 
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मस्जिद के बाहर निकलते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ डॉक्टर उमर - फोटो : वीडियो ग्रैब
दिल्ली पुलिस ने इन तीनों को उठा लिया था। ये उमर के  पुराने जानकार थे और अल फलाह विवि के छात्र थे। उमर के तीनों संपर्कों से हुई पूछताछ से पुलिस को लाल किला धमाके को खोलने में लीड मिली। उमर के पुराने संपर्को के जरिये जम्मू कश्मीर तक पहुंची। इसके बाद एनआइए ने उमर के दो और साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
 
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मौके पर मिला कारतूस - फोटो : अमर उजाला
कारतूसों की गुत्थी अब भी अनसुलझी 
दिल्ली पुलिस अब भी मौके पर मिले दो कारतूस और दो खोखों को लेकर उलझी है। दो खोखे बम धमाके वाली आई-20 कार के पास मिले हैं। जबकि कारतूस कार से करीब 12-15 मीटर दूर पड़े थे। दिल्ली पुलिस इस रहस्य में उलझ गई है।

 

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दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच के लिए जाती टीम - फोटो : पीटीआई
क्या स्पेशल सेल की धार कुंद हो गई
चर्चा का विषय यही है कि क्या स्पेशल सेल की धार कुंद हो गई है या ऐसे अफसर आ गए हैं जिनका मुखबिर तंत्र शून्य है। कुछ वर्षों तक स्पेशल सेल आतंकियों को पकड़ने में सबसे अच्छी जांच करने वाली पुलिस मानी जाती थी। कुछ भी हो खामियाजा तो जनता को ही भुगतना पड़ता है।

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दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन - फोटो : ANI
पार्किंग और ब्लास्ट स्थल के निकट सक्रिए थे 68 संदिग्ध मोबाइल फोन
लाल किला के पास हुए बम धमाके की जांच के दौरान पुलिस को कुछ चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में पता चला है कि कुल 68 संदिग्ध मोबाइल नंबर सुनहरी बाग पार्किंग और बम धमाके वाली जगह पर एक्टिव थे। यही 68 मोबाइल नंबर अब जांच का केंद्र बन गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इन नंबरों पर पाकिस्तान और तुर्किये से कॉल आई थीं।

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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन - फोटो : पीटीआई
पाकिस्तान और तुर्किये से आने वाली कॉल, इंटरनेट रूटिंग और विदेशी सर्वर से जुड़ रहे फोन पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। धमाके के बाद पुलिस ने सुनहरी बाग और लाल किला के पास मोबाइल टॉवर से डंप डाटा उठाया। उसकी मदद से कई तकनीकी जानकारियां सामने आई हैं। अब जांच उसके आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। 

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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन - फोटो : पीटीआई
सूत्र बताते हैं कि संदिग्ध नंबरों पर धमाके से ठीक पहले भारतीय नेटवर्क पर असामान्य डेटा-स्पाइक्स (डाटा का आदान-प्रदान हुआ) दर्ज कराया गया। सबसे अहम जानकारी विस्तृत फोन-मैपिंग के जरिये मिली है। डॉ. उमर की कार सुनहरी बाग पार्किंग में तीन घंटे से अधिक समय तक खड़ी रही उस दौरान उसके 30 मीटर के दायरे में 187 फोन नंबर सक्रिय पाए गए।
 

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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
बम विस्फोट जहां हुआ वहां पर पांच मिनट पहले और पांच मिनट बाद कुल 912 फोन सक्रिय मिले। दोनों स्थानों की डिजिटल लोकेशन-हिस्ट्री के मिलान में कुल 68 मोबाइल नंबर ऐसे मिले जो दोनों जगह पर उसी समय सक्रिय थे। यही 68 नंबर जांच का केंद्र बन गए हैं। 
 

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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
सूत्रों की मानें तो इनमें से कई नंबर एक ही विदेशी सर्वर से जुड़े हैं, जिसने पाकिस्तान और तुर्किये दोनों देशों के आइपी-क्लस्टर के बीच लगातार स्विच ओवर दिखाया है। जांच एजेंसियां आशंका जता रही हैं कि इन सबके के लिए अलग-अलग प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल हुआ।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल - फोटो : पीटीआई
जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि कौन-कौन से फोन विस्फोट से कुछ मिनट पहले किस विदेशी आईपी से लिंक हुए। शुरुआती जांच में घटना स्थल पर मौजूद दो फोन ऐसे मिले हैं, जिनमें मिनट-टू-मिनट लोकेशन शिफ्ट हुई। इससे संकेत मिलता है कि फोन को ‘स्पूफ’ (यानी दूसरे नेटवर्क पर डाला गया) किया गया। इनका जांच एजेंसियां पता लगा  रही हैं।
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