दिल्ली में धमाके के बाद जले वाहन
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पाकिस्तान और तुर्किये से आने वाली कॉल, इंटरनेट रूटिंग और विदेशी सर्वर से जुड़ रहे फोन पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। धमाके के बाद पुलिस ने सुनहरी बाग और लाल किला के पास मोबाइल टॉवर से डंप डाटा उठाया। उसकी मदद से कई तकनीकी जानकारियां सामने आई हैं। अब जांच उसके आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि संदिग्ध नंबरों पर धमाके से ठीक पहले भारतीय नेटवर्क पर असामान्य डेटा-स्पाइक्स (डाटा का आदान-प्रदान हुआ) दर्ज कराया गया। सबसे अहम जानकारी विस्तृत फोन-मैपिंग के जरिये मिली है। डॉ. उमर की कार सुनहरी बाग पार्किंग में तीन घंटे से अधिक समय तक खड़ी रही उस दौरान उसके 30 मीटर के दायरे में 187 फोन नंबर सक्रिय पाए गए।