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Delhi Blast: बुरहान वानी और जाकिर मूसा का उत्तराधिकारी बनना चाहता था उमर, इस कारण अदील की शादी में नहीं आया था

Tue, 25 Nov 2025 02:57 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में कार बम धमाके को अंजाम देने वाले आतंकी उमर को लेकर नया खुलासा हुआ है। उमर कश्मीर में बुरहान वानी और जाकिर मूसा का उत्तराधिकारी बनना चाहता था। उमर विवाद के कारण अदील की शादी में भी नहीं आया था।
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Delhi Blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपियों में से एक उमर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उमर कश्मीर में बुरहान वानी और जाकिर मूसा का उत्तराधिकारी बनना चाहता था। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में पकड़े गए सभी आतंकी अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित थे, जबकि उमर आईएसआईएस और जैश की विचारधारा से प्रभावित था। 
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डॉ. आदिल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सदस्यों के बीच था विवाद 
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के सदस्यों के बीच विवाद के कारण उमर नबी, आतंकी अदील की शादी में शामिल  नहीं हुआ था।
 
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डॉ. आदिल अहमद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के सदस्य अदील को अपना अमीर मानते थे। यह बात भी सामने आई है कि मुजम्मिल ने 6.5 लाख रुपये में एक एके-47 खरीदी थी, जो बाद में आदिल के लॉकर से बरामद हुई। 
 

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डॉ. मुजम्मिल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुजम्मिल का हैंडलर मंसूर था और उमर का हैंडलर हाशिम था। दोनों इब्राहिम नाम के शख्स के अंडर में काम कर रहे थे। जानकारी सामने आई थी कि वह इंटरनेट पर बम बनाने के साहित्य पढ़ता था। 


 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अल-फलाह में कार्यरत कर्मचारियों के लॉकर की हो रही जांच
अल-फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के बाद से काफी संख्या में डॉक्टर व स्टॉफ यहां से गायब हैं। ऐसे में जांच एजेंसी की ओर से यहां डॉक्टरों व स्टॉफ के लॉकर की जांच की जा रही है। 

 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें चेक किया जा रहा है कि कहीं कोई सबूत तो अपने लॉकरों में छुपाकर ये लोग यहां से नहीं भाग गए हैं।  आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कई लॉकरों से अब तक मोबाइल व टैब आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए जा चुके हैं। 
 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में साइबर सेल की मदद से भी इनकी जांच कराई जा रही है। ताकि ये पता चल सके कि ये लोग किन-किन लोगों से आगे संपर्क में थे। धौज और फतेहपुर तगा में संदिग्ध विस्फोटक मिलने के बाद से स्थानीय पुलिस समेत कई सुरक्षा जांच एजेंसी जांच में जुटी हैं। 
 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि अमोनियम नाइट्रेट निकालने व विस्फोटक बनाने के लिए कई सामान केमिकल आदि फरीदाबाद, नूंह और आस-पास के इलाकों से खरीदे गए थे। पुलिस अब खाद की दुकानों पर जाकर भी जांच कर रही है। 
 
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