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ठेकों पर बेहिसाब भीड़: शौकीनों को डर कहीं छूट के लाभ से वंचित ना रह जाएं, ऑफर पर कल स्थिति हो सकती है साफ

Sun, 31 Jul 2022 07:38 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
आबकारी नीति को लेकर उलझन बरकरार है। लाइसेंसधारी दुकानदार भी ऊहापोह की स्थिति में हैं। ऐसे में वह नया स्टॉक मंगाने की जगह पुराना स्टॉक की ही बिक्री कर रहे हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने वाले शीशे के रैक भी सूने पड़ने लगे हैं तो बियर से भरा रहने वाला डीप फ्रिजर भी खाली हो गया है। उधर, शराब के शौकीन दुकानों पर टूट पड़े हैं। दरअसल नई आबकारी नीति के तहत एक बोतल पर एक फ्री मिलने वाला शराब कहीं खत्म ना हो जाए इसे लेकर जगह-जगह भीड़ देखने को मिल रही है। हालांकि कई दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की वजह से दुकानें सूनी भी पड़ी हैं। 
 
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
नई आबकारी नीति को लेकर चल रही खींचतान के बीच ग्राहक और दुकानदार फंसे हुए हैं। हालांकि दिल्ली सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल एक महीने तक शराब की दुकानें नहीं बंद हो रही हैं बावजूद शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। यह भीड़ छूट की वजह से भी है। मॉडल टाऊन, कमला नगर, शाहदरा, मुखर्जी नगर समेत शराब के ठेके पर ग्राहक खरीदारी में इतने मसगूल हो गए हैं कि अपनी वाहन तक सड़क पर खड़ी करके दुकान की तरफ भागते दिखाई दे रहे हैं। लिहाजा ट्रैफिक जाम की समस्या भी शाम के वक्त देखने को मिल रही है। 
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
उधर, गोल मार्केट, नई दिल्ली, पुल बंगश स्थित शराब के ठेके खुले तो हैं लेकिन वहां स्टॉक ही खत्म है। इस वजह से लोगों को एक पर एक बोतल मुफ्त का ऑफर भी नहीं मिला। हालांकि कुछ महंगे दाम वाले शराब दुकान में दिखें। यहां बियर की बोतल और शराब की सबसे छोटी बोतल ही खरीद कर लोग सकून महसूस करते दिखें।

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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट के सामने पेश हो सकता है प्रस्ताव
शराब की निजी ठेको को बंद करने और सरकारी ठेके खोलने के निर्णय की वजह से जो अव्यवस्था देखने को मिल रही है उसे लेकर दिल्ली कैबिनेट कोई निर्णय ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि आबकारी विभाग वर्तमान स्थिति में एक महीने के लिए और निजी दुकानदारों को लाइसेंस जारी करने का निर्णय ले सकता है। दिल्ली में जो 468 निजी दुकानें चल रही हैं उनका लाइसेंस 31 जुलाई तक ही है। इसे ही आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। 
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
ऑफर पर ऑफर दे रहे थे दुकानदार 
अभी तक तो एक बोतल पर एक फ्री शराब मिल रहा था, लेकिन जैसे ही लाइसेंस खत्म होने की चर्चा तेज हुई तो कई शराब संचालित करने वाली कंपनियों ने इस छूट में इजाफा कर दिया। स्टॉक खत्म करने की हड़बड़ाहट इस कदर दिखीं की कि एक बोतल पर दो बोतल फ्री की पेशकश कर दी। हालांकि यह ज्यादा देर तक नहीं रहा और कई जगहों पर ऑफर खत्म कर दिया गया। नई दिल्ली और गोल मार्केट के दुकानदारों के चेहरे पर परेशानी स्पष्ट झलक रही थी। 
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
दुकानदार ही नहीं होटल, क्लब व रेस्तरा वालों की भी परेशानी बढ़ी
प्राइवेट दुकानों के साथ होटल, क्लब व रेस्तरां में भी परेशानी बढ़ गई है। आबकारी विभाग की वेबसाइट पर ऑडर भी नहीं कर पा रहे हैं और ना ही उन्हें किसी तरह की सूचना दी गई है। शराब परोसने वाले इस तरह के क्लब व रेस्तरां का लाइसेंस भी 31 जुलाई को खत्म हो गया। करोल बाग स्थित बुहिमीक कैफे बार की रोजी जिंदल का कहना है कि लाइसेंस खत्म हो गया है लेकिन किसी तरह की सूचना नहीं मिल पा रही है कि इसे बढ़ाया जाएगा या लाइसेंस ही निरस्त होगा। पोर्टल पर शराब का ऑडर भी नहीं दे पा रहे हैं।
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शराब के ठेकों के बाहर लगी जबरदस्त भीड़ - फोटो : अमर उजाला
थोक संचालकों की भी परेशानी
ऊहापोह की स्थिति में न केवल शराब के खुदरा बिक्रेता बल्कि थोक संचालकों की भी परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि नियम में बदलाव होते ही उत्पाद लाइसेंस भी बेकार हो जाएंगे। शराब व्यापार के जानकारों के अनुसार 31 जुलाई के बाद वैकल्पिक व्यवस्था जब तक नहीं होती तब तक शराब की किल्लत हो सकती है। 

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शराब लेकर जाते युवक - फोटो : अमर उजाला
आबकारी विभाग ने भी चुप्पी साधी 
नई आबकारी नीति को लेकर आबकारी विभाग ने भी चुप्पी साध ली है। विभाग की वेबसाइट पर भी इस कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष जानकारी नहीं मिल पा रही है। यहां तक कि शराब परोसने वाले भी ऑडर भी नहीं बुक करा पा रहे हैं। व्यवस्थाओं के बारे में दिल्ली सरकार या उसके आबकारी विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। सरकार के नए निर्देश आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। 
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शराब लेकर आता युवक - फोटो : अमर उजाला
एससी, एसटी, ओबीसी कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार जाटव ने बताया कि चारों कॉरपोरेशन जिन्हें शराब बिक्री करने की जिम्मेदारी देने की बात की जा रही है वह अपनी तैयारी में जुटे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं। कॉपरेशन के कर्मचारी जिन्हें नई आबकारी नीति के वजह से बेरोजगार होना पड़ा था उनका प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिलेगा। सरकार का निर्देश मिलते ही पिछली आबकारी नीति की तरह ही सरकारी दुकानें खुल जाएंगी। इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
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