ramadan
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वहीं तीसरा निजात का असरा कहलाता है। यह जहन्नुम से निजात दिलाता है। रोजे का मकसद सिर्फ भूखा रहना नहीं है, बल्कि दूसरे की भूख का अहसास करना है। जो गरीब हैं, उनके दर्द का अहसास, उनकी मदद की भावना यही संदेश रमजान का पाक महीना देता है। रमजान के दौरान अल्लाह की इबादत करते रहें, चुगलखोरी, नफरत जैसी बुराइयों से दूर रहें।