हालत गंभीर होने पर उन्हें बुलंदशहर अस्पताल से हायर सेंटर दिल्ली रेफर किया गया है। अस्पताल ले जाने के कारण परिजनों ने अब तक आरोपी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। खंडार गांव निवासी 80 वर्षीय भजनलाल के तीन बेटे हैं। बताया जा रहा है कि भजनलाल ने अपनी वसीयत बड़े बेटे की पत्नी और बीच के बेटे के बच्चों के नाम कर दी थी, जबकि छोटे बेटे नाम वसीयत न होने से वह आए दिन झगड़ा करता था। इस पर भजनलाल शादी होने के बाद वसीयत लिखने की बात कहते रहे।