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फंदा काटे बिना दोस्तों ने उतारा शुभी का शव, ऐसे ही 10 सवालों का जवाब तलाश रही पुलिस

Wed, 29 Nov 2017 10:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिबाबाद
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Shubhi Agrawal
बीटेक छात्रा शुभी की मौत को परिजन और दोस्त भले ही सुसाइड बता रहे हों, लेकिन कई ऐसे सवाल है जो उसकी मौत और दोस्तों के बयानों को संदिग्ध बना रहे हैं।
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Shubhi Agrawal
शुभी को अस्पताल ले जाने वाले दोस्तों का कहना है कि शुभी फंदे पर लटकी हुई थी। शव के भार के चलते अक्सर चुन्नी या रस्सी को काटकर शव को नीचे उतारा जाता है। सुबह जांच करने पहुंची पुलिस को चुन्नी कमरे में एंगल पर बंधी हुई मिली। वह कहीं से कटी नहीं थी। शुभी के गले में बंधी गांठ इतनी इतनी आसानी से कैसे खुल गई। कमरे में एक स्टूल मिला। 
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Shubhi Agrawal
मोबाइल बरामद नहीं, परिजनों ने दी सुसाइड की शिकायत पुलिस ने शुभी की मौत का सबसे अहम सबूत उसका मोबाइल ही कब्जे में नहीं लिया है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला हत्या का निकलता है तो जांच अटक सकती है। शिप्रा सनसिटी चौकी प्रभारी दुष्यंत राणा का कहना है कि परिजनों ने डिप्रेशन में छात्रा के सुसाइड करने की शिकायत दी है। किसी के खिलाफ शिकायत नहीं तो पुलिस जांच कैसे करे।

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Shubhi Agrawal
पढ़ने में अव्वल थी शुभी पुलिस का कहना है कि एग्जाम खराब होने से शुभी ने आत्महत्या की है, जबकि शुभी ने 2010 में सीबीएससी बोर्ड से अलीगढ़ स्थित कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल टॉप किया था। वर्ष 2012 में डीपीएस आरके पुरम से बायोलॉजी (साइंस) स्ट्रीम में 12वीं भी अच्छे अंक से पास की थी। वह पढ़ाई में अव्वल थी।
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Shubhi Agrawal
मौत पर उठे ये अन्य पांच अहम सवाल
- उत्कर्ष को सूचना देने वाले अंशुमन को वारदात की सूचना कैसे मिली
- उत्कर्ष ने शुभी के फ्लैट का दरवाजा खटखटाया और तोड़ा तो पड़ोसियों को क्यों मालूम नहीं हुआ
- शुभी के सिर और माथे पर चोट कैसे लगी
- दूसरी मंजिल की बालकनी में पीछे के रास्ते से चढ़ने पर सुरक्षा गार्ड और पड़ोसियों को भी जानकारी नहीं हुई
- वारदात की तत्काल सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई
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