गांव घासेड़ा में एक नाबालिग लड़की के शव को दफनाने के 24 घंटे बाद शनिवार सुबह कब्र से निकाला गया। लड़की के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानकर दफना दिया था। बाद में उन्होंने गांव के मौजूदा सरपंच व उसके भतीजों पर लड़की का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार करने और सुबूत मिटाने के लिए जान से मारने का आरोप लगाया। इसलिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव कब्र से निकाला गया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की अपील की। जिला प्रशासन व पुलिस की निगरानी में निकाले गए इस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं आरोपी पक्ष ने इस आरोप को निराधार बताते हुए राजनीति से प्रेरित बताया। मृतका के पिता ने पुलिस को शिकायत दी कि वह मजदूरी करता है और उसके 6 बच्चे हैं। उसकी एक 15 वर्षीय लड़की 22 अप्रैल की सुबह 7:00 बजे उनके पड़ोसी अल्लाबक्श के घर में शौचालय के पास खूंटी से लटकी हुई मिली। जिसे उन्होंने हादसा समझकर सुपुर्द-ए- खाक कर दिया।
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बाद में पता चला कि उसके पड़ोसी आदिल और अकरम ने उसकी लड़की का अपहरण करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था। बाद में उसकी हत्या कर शव को अल्लाबक्श के घर लटका दिया। दोनों आरोपी गांव के मौजूदा सरपंच के भतीजे बताए गए हैं। शुक्रवार शाम को करीब 7:00 बजे परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया कि उनकी लड़की का अपहरण करके सामूहिक बलात्कार कर हत्या की गई है।
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इसलिए शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाए। पुलिस के अनुरोध पर उपायुक्त ने एक कमेटी गठित की, जिसमें नूंह के तहसीलदार बस्तीराम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया तथा पुलिस उपअधीक्षक आशीष चौधरी व एक डॉक्टर को उसमें शामिल किया गया।
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टीम ने शनिवार सुबह शव निकालने का फैसला किया। कब्र के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए शुक्रवार रात में ही पुलिस तैनात कर दी गई। शनिवार को टीम की निगरानी व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
डीएसपी मुख्यालय आशीष चौधरी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आदिल व अकरम नाम के युवकों को नामजद किया गया है तथा षडयंत्र रचने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढाया जाएगा।