सीट के विवाद में 16 साल के लड़के जुनैद की चाकुओ से गोदकर हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने अहम खुलासे किए हैं।
गिरफ्तार रमेश पलवल के जोधपुर का निवासी है। वह फरीदाबाद में नौकरी करता है। रमेश ने बताया कि वह फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से दिल्ली-मथुरा शटल में पलवल के लिए सवार हुआ था। उसने देखा कि डिब्बे में अल्ससंख्यक समुदाय और दूसरे पक्ष के युवा आपस में झगड़ रहे थे। अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों ने फोन करके बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन के पास खंदावली गांव से कई युवाओं को स्टेशन पर बुला लिया था। जब ट्रेन बल्लभगढ़ स्टेशन पर पहुंची, तो अल्पसंख्यक समुदाय के युवा दूसरे पक्ष के युवाओं को ट्रेन की बोगी से बाहर खींचने की कोशिश कर रहे थे।
विज्ञापन
2 of 5
junaid murder
गिरफ्तार आरोपी रमेश के मुताबिक, उससे यह सब देखा नहीं गया। लगा कि अल्पसंख्यक युवा दूसरे पक्ष पर भारी पड़ रहे हैं। यह सोचकर वह भी हमलावर बन गया। असावटी के पास वह ट्रेन से कूदकर भाग गया। रमेश ने कहा कि वह दूसरे पक्ष के युवाओं के नाम जानता है। लेकिन उनके पतों के बारे में उसे कुछ मालूम नहीं है। रमेश के बयान के पुलिस सांप्रदायिक सोच से जोड़कर देख रही है। एसपी और डीएसपी ने उच्चाधिकारियों को यही रिपोर्ट भेजी है।
विज्ञापन
3 of 5
junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू में 16 साल के लड़के जुनैद का हत्यारोपियों से विवाद लूडो के खेल को लेकर हुआ था। जीआरपी पुलिस प्रभारी अजय के मुताबिक, मृतक जुनैद के भाई हाशिम के अनुसार, वह उसका भाई जुनैद साकिर और मौसिम चारों सदर बाजार से 5.30 बजे दिल्ली-मथुरा शटल में सवार हुए थे। चारों सीट पर बैठकर लूडो खेल रहे थे। तुगलकाबाद से कई लोग बोगी में चढ़ गए। इनमें से कुछ लोगों ने जुनैद को लूडो खेलने से रोका और सीट छोड़ने को बोला। इसी से विवाद शुरू हुआ, जो बाद में खूनी खेल में तब्दील हो गई।
4 of 5
junaid murder
- फोटो : अमर उजाला
पिता जलालुद्दीन ने बताया कि हमलावर बार-बार उनके बेटों की लिबास पर टिप्पणी कर रहे थे। एक हमलावर ने टोपी लेकर हवा में उछाली और पैरों तले रौंद दी। घर आकर उनके बेटे हाशिम ने बताया कि हमलावर नशे में लग रहे थे। पिता मीडिया में आ रही बीफ की अफवाहों को लेकर परेशान दिखाई दिए। वहीं, जुनैद की मां सायरा ने हत्यारों को फांसी देने की मांग की है।
मृतक के भाई हासिम ने बताया कि एक हमलावर ने तो जुनैद के प्राइवेट पार्ट को भी लहू-लुहान कर दिया था। उनके डिब्बे में एक नहीं, बल्कि 100 से 150 लोग मौजूद थे। जब झगड़ा हो रहा था, तो किसी भी व्यक्ति ने बीच-बचाव नहीं किया। कुछ लोग तो हमलावरों को उकसा रहे थे।