राहुल माटा जिसने अपने पिता की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी उसका अतीत पहले से ही काफी हिंसक रहा है। यही नहीं इसकी वजह से वह जेल भी जा चुका है। गौरतलब है कि राहुल माटा की खराब आदतों की वजह से परिजन उसे जायदाद से बेदखल करने की तैयारी कर रहे थे। इस बात की भनक लगने के बाद राहुल ने यह कदम उठाया। अभी तक की जांच में पता चला है कि राहुल को उसकी खराब बर्ताव की वजह से मर्चेंट नेवी से बर्खास्त किया गया था।
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rahul matta
- फोटो : अमर उजाला
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मृतक रविंद्र माटा करीब 20 साल से कनाडा में रह रहे थे। परिवार में पत्नी विभा माटा के अलावा दो बेटे हैं। छोटा बेटा मुकुल माटा कनाडा में ही पिता के पास रहकर एक मोबाइल कंपनी में नौकरी करता है। रविंद्र की पत्नी एक सरकारी कार्यालय से सेवानिवृत्त हुई हैं। वर्ष 1994 में विभा ने अजंता अपार्टमेंट का फ्लैट खरीदा था। राहुल अपनी मां के साथ ही रहता था।
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परिवार के करीबी ने बताया कि राहुल की शादी नहीं हुई थी। मगर कुछ समय पहले वह एक महिला के साथ लिव-इन-रिलेशन में पांडव नगर में रहने लगा था। महिला के 15-16 साल के दो बेटे हैं। राहुल कोई काम नहीं करता था और मां से ही रुपये लेता था।
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वह अकसर महिला को लेकर अपनी मां के पास आ जाता था। लेकिन उसकी मां राहुल को उस महिला के साथ संबंध रखने से मना करती थी। मां ने उसे कहा था कि महिला का बच्चा उसके प्रॉपर्टी पर अपना हक जता सकता है। उसके बाद राहुल ने दावा किया कि उसने महिला से मंदिर में शादी कर ली है।
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विभा ने इस बात की जानकारी रविंद्र माटा को दी। साथ ही यह भी बताया कि रविंद्र जबरदस्ती घर में घुसने की कोशिश करता है। उसके बाद रविंद्र दिल्ली आ गए। उन्हें मार्च में वापस कनाडा जाना था। 15 दिन पहले माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने राहुल के खिलाफ शांतिभंग करने का मामला दर्ज किया था।
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छेड़छाड़ के मामले में हो चुकी थी सजा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2006 में कनाडा में छेड़छाड़ के मामले में राहुल दो साल जेल की सजा काट चुका है। बाद में उसे कनाडा से डिपोर्ट किया गया था। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि वह सोसाइटी में भी छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दे चुका है। कुछ दिन पहले शिकायत होने के बाद वह चार दिनों तक तिहाड़ में भी बंद था। उसकी इस गलत बर्ताव की वजह से ही उसे सोसाइटी में आने की इजाजत नहीं थी।
आरोपी ने गार्ड पर भी किया हमला
आरोपी राहुल पर खून सवार था। चूंकि उसे सोसाइटी में जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन किसी तरह से आरोपी रविवार दोपहर सोसाइटी के भीतर जाना चाहता था। गेट पर मौजूद गार्ड नंदन ने उसे रोका। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। बावजूद वह राहुल को अंदर नहीं जाने दे रहा था। उसके बाद राहुल ने चापड़ निकालकर नंदन पर हमला करने की कोशिश की। नंदन ने अपना बचाव कर घटना की जानकारी सोसाइटी के सचिव जे एल गुप्ता को दी। इसी दौरान मौका पाकर राहुल सोसाइटी के भीतर घुस गया। फिर पिता को देखकर आरोपी ने उनपर चापड़ से हमला कर दिया।