आरोपी पक्ष के सर दबंगई कुछ इस कदर हावी थी कि हर बात पर कहते थे पित्तल बिखेर (गोलियां चलाना) दूंगा और आखिरकार उन्होंने पित्तल बिखेर ही दिया। जिससे 5 लोगों की जान चली गयी। आरोपी पक्ष के इस शब्द को पलवली गांव के ग्रामीण आए दिन सुनते थे। गांव में आरोपी पक्ष अपनी दबंगई के लिए मशहूर था जिसके दम पर वह ग्रामीणों को हथियारों की धमकी देता था।
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murder in faridabad
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री का नजदीकी है आरोपी परिवार ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी पक्ष केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नजदीकी है। इसी वजह से वह ग्रामीणों को हथियारों की धमकी देता था। बात-बात पर धमकी की वजह से कई लोगों ने उनसे किनारा कर लिया था।
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दावा किया जा रहा है कि आरोपी पक्ष केंद्रीय मंत्री का खास होने के कारण हथियारों को जब्त करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इस हत्याकांड के बाद हर किसी के चेहरे पर गुस्से का उबाल नजर आ रहा है। अधिकतर लोग केंद्रीय मंत्री से खफा हैं।
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हत्याकांड की यह थी वजह चुनाव के बाद ही गांव दो पक्षों में बंट गया था। ग्रामीणों का दावा है कि अनहोनी का अंदेशा पहले ही था, लेकिन आरोपी पक्ष हत्याकांड को अंजाम देगा, इसका अंदेशा नहीं था। बताया जाता है कि हमलावर परिवार के पास सात शस्त्र लाइसेंस है, जिनके दम पर दबंगई की जाती थी।
ज्यादातर एक ही जाति के लोग रहते हैं गांव में पूरे गॉव में ज्यादातर एक ही जाति के लोग रहते हैं जिससे घटना के बाद से कई बच्चे स्कूल की चौखट तक जाना नहीं चाह रहे हैं। माहौल को देखते हुए व पुलिस की तैनाती के चलते माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। इसके अलावा गांव के बाहर बना निजी स्कूल दो दिन से बंद है।