उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के पास महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप के मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जबकि मामले में अधिकारियों पर गाज गिरना अभी जारी है। सीएम के अल्टीमेटम के बाद बुलंदशहर एसएसपी, एएसपी, सर्किल अधिकारी और इंस्पेक्टर को संस्पेंड कर दिया गया है।
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डीजीपी जावेद अहमद
- फोटो : ANI
इससे पहले मामले में हुई चूक की गाज सीओ सिटी हिमांशु गौरव पर भी गिरी थी। तत्काल प्रभाव से उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। जबकि एसएसपी ने देहात कोतवाल रामसेन सिंह और नाइट ड्यूटी अफसर ललित कुमार को सस्पेंड किया था।
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मां-बेटी गैंगरेप में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : ANI
पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि पीड़ितों द्वारा तीन आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है और मामले में जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारी की जाएगी। पहचान किए गए तीन आरोपियों में से एक फरीदाबाद, एक बुलंदशहर और एक बठिंडा से है।
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डीजीपी
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इससे पहले आज उत्तर प्रदेश के प्रधान गृह सचिव देबाशीष पांडा और और डीजीपी जावेद अहमद बुलंदशह में घटनास्थल पर पहुंचे। जहां मां-बेटी से गैंगरेप किया गया था। इसके बाद डीजीपी ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की।
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मां-बेटी गैंगरेप में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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यह एक गंभीर घटना और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुछ दोषियों की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
मां-बेटी गैंगरेप में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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वहीं घटना की बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा की है और दोषियों के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। मायावती ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। ऐसी घटनाओं से पता चलता है कि समाजवादी पार्टी लोगों के प्रति कितनी संवेदनहीन है।