निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया के माता पिता
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इधर, दबाव पड़ा तो तत्कालीन पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने प्रेसवार्ता कर चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। यादव ट्रांसपोर्ट की इस बस को आरके पुरम सेक्टर-3 से बरामद कर लिया गया। सबूत मिटाने के लिए बस को धो भी दिया गया था। बस चालक राम सिंह ने अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ के बाद उसके भाई मुकेश, जिम इंस्ट्रक्टर विनय गुप्ता, फल बेचने वाले पवन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। अक्षय और नाबालिग को भी बाद में दबोच लिया गया। 18 दिसंबर को इस हैवानियत की गूंज संसद में भी सुनाई दी।