दिल्ली में आम महोत्सव
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अंगूर जैसे छोटे, पपीते जितने बड़े दो किलो के आम
आम महोत्सव में अंगूर जैसे छोटे, पपीते जितने बड़े दो किलो के आम देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन में किताबों में आम के चित्र पर मुकुट लगे होते थे। वे बड़े आकर्षक लगते थे, आज भी आम फलों का राजा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने उन किसानों की प्रशंसा की जो सालभर मेहनत कर विविध किस्मों के आम उगाते हैं। यह महोत्सव न केवल किसानों की मेहनत का उत्सव है, बल्कि स्वाद, संस्कृति और खुशी का अद्वितीय पर्व है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वे पूरे परिवार के साथ इस महोत्सव में आएं, स्वाद, संस्कृति और अपनत्व का आनंद लें।