अस्पताल के जनरल सर्जरी के डॉ. मनीष निगम की मानें तो शौच के दौरान हमारी आतें खुद ही एक प्रेशर बनाती हैं, जिससे मल बाहर आता है। लेकिन शौच के दौरान पढ़ने या मोबाइल के इस्तेमाल से आंतों से मस्तिष्क को सूचना भेजने वाली तंत्रिकाओं का सामंजस्य बिगड़ जाता है। इससे सूचना मिलने में अवरोध आता है और आंत मल निकालने के लिए पूरा प्रेशर नहीं लगा पाती हैं। पूरा मल बाहर नहीं निकल पाने से भविष्य में पाइल्स, फिसर या फिस्टुला की बीमारी पैदा हो सकती है।