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टॉयलेट में अखबार-मोबाइल की आदत बना सकती है इस बड़ी बीमारी का शिकार, जल्द बदल लें

Mon, 24 Sep 2018 05:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टॉयलेट में अखबार पढ़ने की आदत या फिर मोबाइल फोन का इस्तेमाल लोगों को फिस्टुला का मरीज बना सकती है। शहरी क्षेत्र के लोगों में ज्यादात्तर ये समस्या देखने को मिल रही है। केंद्र सरकार के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इस आदत से शौच के समय आंतों से मस्तिष्क को सूचना भेजने वाली तंत्रिकाएं भटकाव की स्थिति में आ जाती हैं।
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अस्पताल के जनरल सर्जरी के डॉ. मनीष निगम की मानें तो शौच के दौरान हमारी आतें खुद ही एक प्रेशर बनाती हैं, जिससे मल बाहर आता है। लेकिन शौच के दौरान पढ़ने या मोबाइल के इस्तेमाल से आंतों से मस्तिष्क को सूचना भेजने वाली तंत्रिकाओं का सामंजस्य बिगड़ जाता है। इससे सूचना मिलने में अवरोध आता है और आंत मल निकालने के लिए पूरा प्रेशर नहीं लगा पाती हैं। पूरा मल बाहर नहीं निकल पाने से भविष्य में पाइल्स, फिसर या फिस्टुला की बीमारी पैदा हो सकती है।
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पाइल्स, फिसर और फिस्टुला का कारण है मल त्याग करते समय ज्यादा जोर लगाना। इसकी जरूरत कब्ज रहने पर ही पड़ती है। एक समान्य व्यक्ति (60 किग्रा वजन) दिनभर में करीब डेढ़ लीटर पानी पेशाब के रूप में निकालता है जबकि करीब आधा लीटर पानी पसीने और सांस से निकाल देते हैं। इसलिए ऐसे व्यक्ति को कम से कम तीन लीटर पानी पीना ही चाहिए।

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डॉक्टरों का कहना है कि आंत का एक काम खाने में मौजूद पानी को सोखकर शरीर के जरूरी अंगों में पहुंचाना है। अगर शरीर में पानी की कमी होगी तो आंत खाने से ज्यादा पानी सोखेगा।
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इससे मल त्याग के समय मलद्वार की नसों और त्वचा को नुकसान होता है। इसलिए ऐसी आदत को जल्द से जल्द खत्म कर देना चाहिए।
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