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जेएनयू में जश्न: छात्र चुनाव में अध्यक्ष समेत तीन पदों पर लेफ्ट का दबदबा, देखें जीत के बाद की तस्वीरें

Mon, 28 Apr 2025 03:03 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

JNUSU Election Result: जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। जहां आइसा के नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। वहीं डीएसएफ की मुंतेहा फातिमा महासचिव और मनीषा उपाध्यक्ष के पद पर विजयी हुईं।
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जेएनयू में छात्र संघ चुनाव परिणाम के बाद जश्न - फोटो : अमर उजाला
JNU Election Result: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव के बाद परिणाम आ चुके हैं। इस बार के चुनाव परिणाम में फिर से लेफ्ट का परचम लहराया है। वहीं दूसरी तरफ एक पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की है। जेएनयू के अध्यक्ष एआईएसए-डीएसएफ के नीतीश बने हैं। वहीं उपाध्यक्ष के पद पर आईसा-डीएसएफ गठबंधन की मनीषा जीती हैं। जबकि महासचिव के पद पर मुंतेहा फातिमा जीती हैं। इसके अलावा संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी की ओर से वैभव ने जीत हासिल की है। 
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
एबीवीपी ने रचा इतिहास
एबीवीपी जेएनयू इकाई के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा कि स्कूल काउंसिल के 42 में से 23 सीटों पर जीत प्राप्त कर एबीवीपी ने काउंसिल में 50 फीसदी से अधिक की उपस्थिति का इतिहास रच दिया है। इससे जेएनयू छात्र संघ द्वारा लिए जाने वाले फैसलों में अब परिषद को अहम जगह मिलेगी जो वामपंथ के गढ़ में बड़ी सेंध की तरह काम करेगा। यह किसी भी अन्य छात्र संगठन की तुलना में सर्वाधिक है। विभिन्न स्कूलों के काउंसलर पदों पर परिषद के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत भी दर्ज की है। पिछले बार एबीवीपी के 17 काउंसलर जीते थे।
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
25 साल बाद स्कूल ऑफ सोशल साइंस में मिली जीत
उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ सोशल साइंस जिसे जेएनयू में वामपंथ का गढ़ माना जाता रहा है। वहां एबीवीपी ने 25 वर्षों बाद दो सीटों पर विजय प्राप्त कर एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दिया है। इसी तरह स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में भी दो सीटों पर विजय हासिल कर नई राजनीतिक धारा को स्थापित किया है। जेएनयू छात्र संघ चुनाव के सेंट्रल पैनल की चारों सीटों पर एबीवीपी को मजबूत बढ़त मिल रही है। हालांकि अभी गिनती जारी है।

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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
चार पदों के लिए 29 उम्मीदवार रहे मैदान में
सेंट्रल पैनल में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद के लिए 29 उम्मीदवार मैदान में है। इसमें अध्यक्ष पद के लिए 13, उपाध्यक्ष के लिए पांच, सचिव के लिए छह और संयुक्त सचिव के लिए पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। वहीं 16 स्कूलों के 42 काउंसलर पदों के लिए 120 उम्मीदवार मैदान में है। सेंट्रल पैनल के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए शिखा स्वराज, उपाध्यक्ष पद के लिए निट्टू गौतम, सचिव पद के लिए कुणाल राय एवं संयुक्त सचिव पद के लिए वैभव मीणा को मैदान में उतारा था। जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप ढाका, उपाध्यक्ष के लिए मोहम्मद कैफ, सचिव के लिए अरुण प्रताप और संयुक्त सचिव के लिए सलोनी खंडेलवाल चुनाव लड़ रहे थे।
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
आइसा और डीएसएफ से रहे ये उम्मीदवार
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने संयुक्त तौर पर छात्र संघ चुनाव लड़ा। इसमें अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार पीएचडी, उपाध्यक्ष पद के लिए मनीषा, सचिव पद के लिए मुंतहा फातिमा और संयुक्त सचिव के लिए नरेश को उम्मीदवार बनाया गया था।
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
वामदल में फूट से बना नया गठबंधन
पिछली बार आइसा, डीएसएफ, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन(एआईएसएफ) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया(एसएफआई) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन इस बार बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन(बापसा), एआईएसएफ, एसएफआई और प्रोगेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) ने सेंट्रल पैनल के लिए संयुक्त उम्मीदवार घोषित किए। इसमें अध्यक्ष पद के लिए चौधरी तैय्यबा अहमद, उपाध्यक्ष पद के लिए संतोष कुमार, सचिव के लिए रामनिवास गुर्जर और संयुक्त सचिव के लिए निगम कुमारी ने चुनाव लड़ा।
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जेएनयू छात्र संघ चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला
झंडा जलाने को लेकर हुई गरमागर्मी
उधर, आइसा ने मतगणना के दौरान एबीवीपी पर फिलिस्तीन का झंडा जलाने का आरोप लगाया। इसको लेकर दोनों संगठनों के समर्थकों के बीच गरमागर्मी बढ़ गई। आइसा के अनुसार झंडा जलाने की एबीवीपी के सदस्यों की घृणित हरकतों की कड़ी निंदा करते है। ऐसा व्यवहार न केवल नैतिक रूप से घृणित है बल्कि घृणा और हिंसा को बढ़ावा देने वाला भी है। एबीवीपी ने जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किया। हमारी प्रशासन से मांग है कि इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की जाएं।
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