JNUSU elections
साढ़े चार घंटे की मतगणना में एबीवीपी काउंसलर को बढ़त
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में करीब चार घंटे मतगणना में स्कूल ऑफ साइंसेज, एसबीटी , एसईएस, संस्कृत सेंटर में एबीवीपी के काउंसलर को बढ़त थी। जबकि स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस में वामपंथी समर्थक प्रदीप्ता देबनाथ और ऑट्र्स एंड एस्थेटिक्स में बापसा के समर्थक जीते हैं।
घटनाक्रम
- रात साढ़े दस बजे मतगणना शुरू हुई और शुक्रवार रात तीन बजे हंगामे के चलते मतगणना रोक दी गई। शनिवार रात साढ़े सात बजे दोबारा (जहां रोकी गयी थी, उसके आगे) शुरू की गई।
- मतगणना स्थल पर शुक्रवार आधी रात से शनिवार देर शाम तक वामपंथी व बापसा के कार्यकर्ता एबीवीपी के विरोध में प्रदर्शन करते रहे।
-एबीवीपी भी शनिवार को दिनभर मतगणना दोबारा शुरू करवाने और एबीवीपी एजेंट को मतगणना बूथ में ले जाने की मांग को लेकर विरोध दर्ज करवाती रही।
- शनिवार दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक ग्रिवांस सेल और चुनाव आयोग की छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशियों के साथ बैठक का दौर चला। इसमें सेल के दो प्रोफेसर को मतगणना केंद्र में निगरानी का काम सौंपा गया, लेकिन एबीवीपी एजेंट को बूथ में जाने की मंजूरी नहीं मिली।
- दोपहर दो बजे पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा ने कार्यकर्ताओं समेत बूथ पर कब्जा कर लिया। शाम छह बजे के बाद ही बूथ छोड़ा।
- शाम चार बजे मतगणना केंद्र के बाहर वापमंथी व बापसा समर्थकों की एबीवीपी के साथ मारपीट हुई। कई एबीवीपी कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।
- हंगामे के चलते दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ की टुकड़ियां भी कैंपस के बाहर पहुंची। हालांकि विश्वविद्यालय सिक्योरिटी ने स्थिति को संभाला और पुलिस को कैंपस में दखल होने की जरूरत नहीं पड़ी।