सीखना कभी समाप्त न होने वाली प्रक्रिया है। दीक्षांत समारोह शिक्षा की यात्रा में एक मील का पत्थर है। जो लोग हाशिए पर हैं और कम भाग्यशाली हैं, विद्यार्थी उनकी सहायता करें। जरूरतमंदों की मदद कर किसी भी रुप में समाज को वापस दें।
विज्ञापन
2 of 6
du convocation
- फोटो : G. pal
यही छात्रों की डिग्री और शिक्षा की असली परीक्षा होगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह बातें दिल्ली विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कही।94वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर उन्होंने डीयू को ज्ञान का खजाना बताया।
विज्ञापन
3 of 6
du convocation
- फोटो : G. pal
महामहिम ने कहा कि यह देश का प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है। डीयू की शुरुआत 1922 में हुई थी और आज विवि ने अपनी धाक उच्च शिक्षा में न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी जमाई है।
4 of 6
du convocation
- फोटो : G. pal
उन्होंने कहा कि डिग्री व पदक पाने वालों में दो तिहाई लड़कियां है। यह समाज के लिए स्वागत योग्य संकेत है। वर्ष 2022 में डीयू अपनी स्थापना के सौ साल पूरे करेगा। ऐसे में डीयू की एक नई यात्रा की शुरुआत भी होगी।
विज्ञापन
5 of 6
du convocation
- फोटो : G. pal
विश्वविद्यालय को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है। मुझे आशा है कि कॉलेज के प्रिंसिपलों और स्थायी पदों को भरने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। समारोह में वर्ष 2016 में पीएचडी करने वाले 672 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। जबकि 171 छात्रों को मेडल व पुरस्कार दिए गए।
सम्मानित अतिथि के रूप में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर भी उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों को नए भारत के निर्माण का संकल्प लेने को कहा। जिसमें गरीबी, आतंकवाद, गंदगी मुक्त भारत का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि छात्रों पर समाज का ऋण है। उसे चुकाने के विषय में वह भूले ना।