देश की महान महिला लेखकों का जमावड़ा प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेला में लगा हुआ है। अगर आप किताबों के जरिए देश की उन महान महिला विभूतियों के बारे में जानने के साथ उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहते हैं तो देर न करें जल्दी आएं।
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अलग जगह दी गई है मशहूर महिला शख्सियतों पर लिखी किताबों को
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किताबों के स्टॉल पर पहुंची महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
मानूषी थीम पर आधारित पुस्तक मेले में इस बार महिला लेखकों व मशहूर महिला शख्सियतों पर लिखी किताबों को अलग जगह दी गई है। प्रगति मैदान के हॉल नंबर 7 ई में खासतौर मानूषी नाम से अलग हॉल बनाया गया है।
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कस्तूरबा गांधी से लेकर महाश्वेता देवी, शोभा डे, तस्लीमा तक की आत्मकथाएं हैं मौजूद
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world book fair
- फोटो : अमर उजाला
महिला लेखक व विभूतियों पर आधारित किताबों से सजे इस हॉल में आपको देश की लगभग सभी भाषाओं में महान लेखिकाओं उनकी आत्मकथाओं की किताबें उपबल्ध हैं। यहां आपको कस्तूरबा गांधी से लेकर महाश्वेता देवी, शोभा डे और वर्तमान में चर्चित लेखिका तस्लीमा नसरीन की किताबें उनकी आत्मकथाएं मौजूद है।
इस बार किताबों की थीम महिला लेखकों को बढ़ावा देने के लिए मानूषी रखा गया है
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इन्हें पढ़कर आप उन्हें जान सकते है। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) का कहना है कि इस बार किताबों की थीम महिला लेखकों को बढ़ावा देने के लिए मानूषी रखा गया है। एनबीटी अधिकारियों के मुताबिक बीते दो से तीन सालों से मेले की तुलना करें तो महिला लेखकों की भागीदारी साल दर साल बढ़ रही है। हालांकि, महिला लेखक सभी भाषाओं में नहीं है। ज्यादातर महिला लेखक अंग्रेज भाषा में ही लेखन करती हैं। जो लोग किताबें खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए प्रकाश स्टॉल पर आएं।