गुरुग्राम से बुलंदशहर सवारी छोड़ने गए कैब चालक आफताब आलम की ग्रेटर नोएडा के बादलपुर इलाके में रविवार रात बदमाशों ने नृशंस हत्या कर दी। बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड स्थित मोहन स्वरूप अस्पताल के पास पुलिस को आफताब बुरी तरह घायल अवस्था में मिले थे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभी तक हत्यारों का पता नहीं चल सका है, वहीं परिजन नए-नए खुलासे कर रहे हैं।
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कैब चालक आफताब का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बदमाशों के हाथों मारे गए कैब चालक आफताब आलम के बेटे मोहम्मद साबिर का कहना है कि उनके पिता की जान अलग मजहब का होने की वजह से गई। लूटपाट ही मकसद होता तो बदमाश कार को क्यों छोड़ जाते? बदमाशों ने उनके पिता के पर्स तक को हाथ नहीं लगाया।
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Cab driver murder case
- फोटो : अमर उजाला
दुखी साबिर कहते हैं, मेरे पिता को जय श्रीराम बोलने में भी कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने कहा, पिता हर मजहब का सम्मान करते थे। उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को भी यही सीख दी थी। उन्हीं की सीख से मैं और मेरा परिवार एक बार नहीं हजार बार जय श्रीराम बोल सकते हैं।
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इसी कार में हुई हत्या
- फोटो : अमर उजाला
पिता बुलंदशहर जिस युवती को छोड़ने गए थे। वह हिंदू धर्म से ताल्लुक रखती है। इसके बावजूद उसके परिजन आफताब को परिवार का सदस्य समझकर पूरा भरोसा करते हैं। सात साल से युवती के परिजन बेटी को लाने-ले जाने के लिए आफताब को ही कॉल करते थे।
रिकार्डिंग में मुस्लिमों को नौकरी दिलाने व शराब पीने का जिक्र
साबिर ने बताया कि 41 मिनट से अधिक की रिकार्डिंग में आरोपी उनके पिता से शराब की पेशकश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके कई मुस्लिम साथी शराब पीते हैं। उसने यह भी कहा है कि उसके भाई दुबई में कई मुस्लिमों को नौकरी पर लगाते हैं।