किराड़ी अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
अंदर उदयकांत, उनकी पत्नी मुस्कान और तीनों बच्चे पड़े हुए थे। दमकलकर्मियों ने पहले बारी-बारी से सभी को सीपीआर दिया। इसके बाद एक-एक कर सभी को नीचे उतारा गया। बाद में एंबुलेंस व पीसीआर की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी मंजिल पर दो अलग-अलग कमरों से रामचंदर, सुधीरिया देवी व संजू झा के शव बरामद हुए। अंदर सिलिंडर फटने की वजह से दूसरी मंजिल को काफी क्षति पहुंची थी। तलाशी के दौरान पुलिस को दूसरी मंजिल के शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद मिला। बाद में वहां से बालमुखी का शव बरामद हुआ। दमकलकर्मियों ने सभी नौ शवों को वहां से निकालकर अस्पताल पहुंचवाया। दमकलकर्मियों का कहना था कि बिल्डिंग में आग लगने के दौरान बचने का कोई रास्ता नहीं था। ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। शुरुआती जांच से लग रहा है कि ग्राउंड फ्लोर पर बने गोदाम में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी और ऊपरी मंजिल पर पहुंची।