बुराड़ी इलाके में एक साथ 11 लोगों की मौत के मामले में छानबीन के दौरान पुलिस आशंका जता रही है कि ललित व उसकी पत्नी टीना ने परिवार के सदस्यों को फंदे पर खड़ा कर धोखे से सबके नीचे से स्टूल खींच लिए। दरअसल पिछले छह दिनों से बिना हाथ-पैर बांधे और बिना स्टूल पर खड़ा किए बड़-पूजा अनुष्ठान किया जा रहा था।
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burari death case
- फोटो : अमर उजाला
इन छह दिनों में सभी के गलों में फंदा तो डाला जाता था, लेकिन पूजा के बाद सभी के फंदे निकाल दिए जाते थे। लेकिन 30 जून की रात ऐसा नहीं हुआ। पूजा के लिए तार, स्टूल, रुई, दुपट्टे और सूती साड़ी का इंतजाम किया गया। इस दौरान ललित व टीना ने सबके हाथ-पैर बांधे और बाद में धोखे से सबके स्टूल निकाल लिए। बाद में पहले ललित व बाद में टीना भी फंदे से झूल गए। उनका यकीन था कि भगवान प्रकट होंगे और उनके पिता की आत्मा आकर सभी को बचा लेगी।
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burari death case
- फोटो : जी पाल
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि फंदे पर लटकने के दौरान भुवनेश उर्फ भूपी ने अपने गले से फंदा हटाने का प्रयास किया था, लेकिन उसका हाथ बंधा हुआ होने के कारण गले तक नहीं पहुंच पाया। पुलिस को जब उसका शव मिला था तो उसका हाथ गले की ओर उठा हुआ था।
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घर के बाहर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी ओर रजिस्टर में पूजा की प्रक्रिया के दौरान सभी को रोजाना ही फंदा डालकर पूजा करना था। लेकिन जिस मोक्ष प्राप्त कर अपनी ताकत बढ़ाने की बात की गई थी, उस दिन सभी को हाथ, पैर, मुंह बांधर और कानों में रुई डालकर स्टूल पर खड़े होकर फंदा लगाना था। पुलिस को आशंका है कि परिवार के सभी सदस्य शायद इसे पूजा ही मानकर स्टूल पर फंदा डालकर खड़े हुए थे।
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- फोटो : जी पाल
ललित व उसकी पत्नी ने सभी के हाथ पैर बांधकर स्टूल खड़ा करवा दिए। वहीं सभी के मुंह में गीला कपड़ा भी ठूंस दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शायद ललित व टीना ने धोखे से सभी के स्टूल निकाल लिये। मां को भी बेल्ट से फंदे पर लटकाया गया। बाद में टीना ने ललित के हाथ बांधे और ललित भी फंदे पर लटक गया।
सबसे आखिरी में टीना ने फांसी लगाई। रजिस्टर में लिखे नोट्स के अनुसार फंदे पर लटकते ही धरती कांपेगी, भगवान दर्शन देंगे और ललित के पिता भोपाल सिंह की आत्मा उनको आकर बचा लेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अंधविश्वास में फंदे पर लटकने से सभी की मौत हो गई।