दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों के मौत की मिस्ट्री दिनों-दिन गहराती जा रही है। इस मामले में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो इसे और सनसनीखेज बनाते जा रहे हैं। अब जो नया तथ्य इस मामले में सामने आ रहा है वो ये है कि, पूरा परिवार मौत से 6 दिन पहले से रोजाना मौत की रिहर्सल कर रहा था।
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burari death case
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी सामने आ रही है कि भाटिया परिवार 24 जून से ही फंदा लगाने की प्रैक्टिस कर रहा था। यह खुलासा हुआ है भाटिया परिवार के छोटे बेटे ललित की डायरी से, जिसमें कई बातों के साथ कथित बड़ पूजा की पूरी प्रक्रिया लिखी है।
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- फोटो : विवेक निगम
रजिस्टर में आखिरी बार 30 जून को लिखा गया था। इससे पहले 24 जून को लिखा गया था। 24जून को लिखा गया था कि एक सप्ताह की बड़ पूजा होनी है। अगर कोई रिश्तेदार घर आ गया तो बड़ पूजा समाप्त हो जाएगी और फिर से पूजा शुरू होगी। हालांकि 24 जून के बाद कोई रिश्तेदार घर में नहीं आया था। 30 जून की रात पूजा खत्म हो गई थी।
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- फोटो : हिमांशु सोनी
हालांकि आप के दिमाग में ये बात आ सकती है कि अगर वो लोग ऐसा रोज कर रहे थे तो 6 दिन तक उन्हें कुछ क्यों नहीं हुआ। तो वो इसलिए क्योंकि प्रैक्टिस के दौरान सभी सदस्यों के हाथ खुले रहते थे। जबकि 30 जून की रात, जिस दिन पूरा परिवार मौत की नींद सोया उस दिन ललित और उसकी पत्नी को छोड़ सभी के हाथ बंधे थे।
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- फोटो : जी पाल
दरअसल रजिस्टर में लिखा हुआ है कि क्रिया के बाद सभी के हाथ खोलने हैं, परिवार को यकीन था क्रिया के बाद वह बच जाएंगे। लेकिन उस दिन ऐसा नहीं हुआ।
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- फोटो : जी पाल
पुलिस का कहना है कि फंदे पर लटकने से पहले पूरा परिवार रोजाना हवन करता था। इसके बाद डायरी में लिखे तरीकों के अनुसार सभी सदस्य फंदे पर लटक जाते थे, लेकिन हाथ, पैर और मुंह खुले होने के कारण बच जाते थे।
पिता के निर्देश के अनुसार डायरी में लिखा है कि कप में पानी रखना। जब पानी रंग बदलेगा तो मैं प्रकट होऊंगा और तुम सबको बचा लूंगा। पुलिस को लगता है कि यही वजह होगी कि बचने की उम्मीद में पूरा परिवार फांसी पर लटक गया और फिर वो हो गया जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया।