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बुलंदशहर हिंसा में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, इंस्पेक्टर के हत्यारोपी को लेकर खुला चौंकाने वाला राज

Fri, 28 Dec 2018 09:41 AM IST
शाहरुख खान विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रशांत - फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर की हत्या में शामिल आरोपी शराब तस्करी के काले कारोबार से जुड़े थे। इंस्पेक्टर ने इनमें से कुछ आरोपियों को हिदायत भी दी थी। शायद इस वजह से भी प्रशांत नट समेत अन्य आरोपी इंस्पेक्टर से रंजिश रखते थे। हालांकि, अधिकारी अभी इस बाबत केवल इतना ही बता रहे हैं कि कुछ आरोपी शराब के अवैध कारोबार से जुड़े थे, हत्या रंजिशन हुई या नहीं, इस संबंध में पुलिस जांच की बात कह रही है। 
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आरोपी प्रशांत - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अमर उजाला ने बीते 25 दिसंबर को इस संबंध में ...तो रंजिशन मौत के घाट उतारे गए स्याना कोतवाल! शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसमें बताया था कि अवैध शराब तस्करों के खिलाफ तत्कालीन स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह द्वारा चलाए जा रहे अभियान से तस्कर परेशान थे। बताया जा रहा है कि प्रशांत नट को दिल्ली पुलिस भी एक बार अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 
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communal tension in bulandshahr - फोटो : अमर उजाला
जबकि, एक  अन्य आरोपी की पुलिस को तलाश है। उक्त आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या की कोशिश समेत अन्य कई मामले दर्ज हैं। सूत्रों की मानें तो आरोपी जिले के एक बड़े अपराधी का शार्प शूटर भी रह चुका है। हालांकि इस बाबत अधिकारी अभी कुछ बताने को तैयार नहीं है। 

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bulandshahr violence - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि इंस्पेक्टर की हत्या में शामिल कुछ आरोपियों के नाम शराब तस्करी से जुड़ रहे हैं। इस संबंध में गहनता से जांच भी की जा रही है। एक आरोपी की तलाश है, जो वीडियो में नजर आ रहा है। उक्त आरोपी भी घटना के बाद से ही फरार है। वह स्याना थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी है और काफी शातिर भी है। पुलिस के खुलासे से साफ है कि जिस तरह इंस्पेक्टर की निर्मम हत्या की गई, शायद आरोपी इंस्पेक्टर से रंजिश रखते थे। 
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ये हुआ था बवाल से करीब छह दिन पूर्व

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गाड़ी में लगाई आग - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों ने बताया था कि इंस्पेक्टर ने बवाल वाले दिन से पांच-छह दिन पूर्व ही क्षेत्र में गैर प्रांत शराब की तस्करी करने वाले माफिया पर नकेल कसने के लिए अभियान शुरू किया था। आरोपियों से इंस्पेक्टर ने पूछताछ भी की थी और फिर हिदायत देकर छोड़ दिया था। बवाल वाले दिन भी खेत में इंस्पेक्टर के आस-पास उक्त पांच-छह लोगों के ही नजर आने की पुष्टि हो रही है। उन पांच-छह लोगों में से दो लोग क्षेत्र में शराब की अवैध तस्करी करते हैं। ये आरोपी लग्जरी कारों में सफर करते हैं, तो गैर कानूनी काम के लिए विभाग में भी इन्होंने अच्छी पैठ जमाई हुई थी। इनमें से एक आरोपी ने इंस्पेक्टर के सिर पर कुल्हाड़ी से वार भी किया था।
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पिस्टल और मोबाइल अभी नहीं हुए बरामद

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दंगाइयों ने कोतवाल को घेरा - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अभी तक इंस्पेक्टर की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस जल्द ही पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद करने का दावा कर रही है। पुलिस का मानना है कि शायद इंस्पेक्टर का फोन आग की भेंट चढ़ गया हो, लेकिन इस बाबत अभी पुष्टि नहीं की जा सकी है। 
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
आरोपी अवैध शराब की तस्करी से जुड़े हुए थे, हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि घटना के वक्त आरोपियों के दिमाग में कोई रंजिश चल रही थी या नहीं। एक आरोपी का नाम और सामने आ रहा है, उसकी भी तलाश जारी है। शराब तस्करों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पिस्टल-मोबाइल भी जल्द बरामद कर लिए जाएंगे। प्रशांत की पहचान वीडियो के आधार पर हुई थी।
-प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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