bulandshahr
सूत्रों का कहना है कि किसी को यह पता नहीं था कि इतना बड़ा मामला हो जाएगा। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जीतू फौजी के साथ रहने वाले कुछ युवक नशे की लत के कारण बलवाई और आरोपी बन गए। इनमें से कई युवक ऐसे हैं, जो कहीं न कहीं काम करते हैं, सब्जी बेचते हैं या पढ़ाई करते हैं। उनका किसी भी घटना से कोई लेना देना नहीं रहा है। यदि जीतू उन युवकों को नहीं खिलाता-पिलाता तो वह उसके इशारे पर शायद घटना पर नहीं जाते और न ही वह आरोपी बनते।
जानकर भी अनजान बना गांव
गांव के लोग एक दूसरे के बारे में अच्छे से जानते हैं, लेकिन वह डर की वजह से जानकर भी अनजान बने हुए हैं। कोई किसी के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नही है। सब अपने को बचाने में लगे हुए हैं।
नहीं की जीतू की पहचान
जीतू का एक फोटो लोगों को दिखाया गया, लेकिन उन्होंने जीतू को पहचानने से ही इनकार कर दिया गया। बच्चे उसके बारे में बता रहे थे, तो पीछे से महिलाएं उन्हें बुला लेती थीं।