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उन 10 घंटों में छिपा है सिपाही शेर सिंह की मौत का राज, गोली चली पर बगल में सोता रह गया फुफेरा भाई

Tue, 12 Nov 2019 05:50 PM IST
पूजा त्रिपाठी संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
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- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर नगर कोतवाली क्षेत्र के पूर्व तहसीलदार के आवास में रह रहे सिपाही की मौत की हकीकत रात 12 बजे से सुबह दस बजे तक के समयांतराल में छिपी हुई है। सबसे आश्चर्यजनक बात है कि मृतक से मात्र चार कदम की दूरी पर उसका फुफेरा भाई सोया था, जिसने गोली चलने की आवाज भी नहीं सुनी। सुबह जब दस बजे वह सोकर उठा तो शेर सिंह का शव उसने ही देखा था।
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- फोटो : अमर उजाला
नगर कोतवाली में तैनात सिपाही शेर सिंह धामा की मौत की गुत्थी पुलिस की जांच के बाद ही खुलेगी। घटना स्थल पर मृतक के भाई विपुल ने पुलिस व मीडिया को बताया था कि रविवार को उसका जन्मदिन था। शाम करीब आठ बजे ड्यूटी समाप्त करने के बाद शेर सिंह वापस कमरे पर आ गया था। जिसके बाद दोनों ने मिलकर बर्थडे सेलिब्रेट किया था और पार्टी एंजॉय की थी।
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- फोटो : अमर उजाला
बकौल विपुल, देर रात करीब 12 बजे वह अपने बिस्तर पर लेट गया था। इस दौरान शेर सिंह परिवार में किसी से फोन पर बातचीत कर रहा था। तभी विपुल की आंख लग गईं और वह सो गया। विपुल ने बताया कि सुबह करीब दस बजे उसकी आंख खुली तो उसने दूसरे बिस्तर पर भाई को खून से लथपथ पड़े हुए देखा था। जिसके बाद उसने दौड़कर नगर कोतवाली पहुंच कर पुलिस को सूचना दी।

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- फोटो : अमर उजाला
शेर सिंह की मौत की सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। गोली चलने की आवाज न सुनने के सवाल पर विपुल ने बताया कि वह जन्मदिन की पार्टी में अधिक शराब पीने के कारण सो गया था। रात में शेर सिंह ने कब गोली चलाई उसे नहीं पता। उसने गोली चलने की आवाज भी नहीं सुनी थी। साफ है कि रात 12 बजे से सुबह 10 बजे के बीच कमरे में कब क्या-क्या हुआ इसकी गहनता से जांच करने पर ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सकेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
गुड वर्क में देता था महत्वपूर्ण योगदान
सिपाही की मौत के बाद अधिकारी उसकी कार्यकुशलता और व्यवहार के बारे में भी चर्चा करते नजर आए। नगर कोतवाल अरुणा राय ने बातचीत के दौरान बताया कि नगर पुलिस के गुड वर्क आदि में भी शेर सिंह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। वह एक अच्छे पुलिसकर्मी थे। वहीं, उनके साथी भी उनकी मौत के बाद स्तब्ध हैं।  साथी उनके व्यवहार को लेकर चर्चा करते हुए नजर आए।
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- फोटो : अमर उजाला
अवसाद ले रहा पुलिस की जान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिपाही की बहन घर से कहीं चली गई थी, जिसके बाद शेर सिंह अक्सर अवसाद में रहता था था। इस कारण उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है।
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फाइल फोटो
वहीं, बता दें कि करीब दो वर्ष पूर्व नगर कोतवाली में तैनात दारोगा प्रदीप यादव ने भी पारिवारिक क्लेश के चलते खुद को गोली मारकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। यहीं नहीं, करीब तीन वर्ष पूर्व नगर स्थित पुलिस लाइन परिसर में एक सिपाही ने छुट्टी न मिलने के कारण अवसाद के चलते पहले गणना मुंशी को और फिर खुद को गोली मार ली थी, जबकि, दो सिपाही गंभीर रुप से घायल हुए थे।
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