फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंदशहर हादसे की आंखों देखी: जोरदार झटके से खुली नींद...मच गई चीख-पुकार, हर तरफ था खून ही खून, भाग रहे थे लोग

Sat, 17 May 2025 03:14 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, जहांगीराबाद/बुलंदशहर

सार

हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पुलिस और ग्रामीणों के साथ राहगीर ने घायलों की मदद की। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया।
विज्ञापन
1 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
भीषण हादसे के वक्त कैंटर में सवार अधिकतर लोग नींद में थे। अचानक जोरदार झटके के साथ नींद टूटी और सभी लोग एक दूसरे के ऊपर जा गिरे। खून से लथपथ लोगों में चीख-पुकार मच गई। खुद को बचाने के लिए लोग कैंटर से कूदते हुए नजर आए।
विज्ञापन

2 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
हादसे की भयावहता को दुर्घटनास्थल पर बिखरा खून, तितर-बितर सामान, चप्पल और जूते बयां कर रहे थे। राहगीर अमित निवासी संभल और आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि तेज आवाज और लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंच गए थे। खून से लथपथ लोग कैंटर से कूदकर इधर -उधर बदहवास हालत में गिर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने ट्रक पर जाकर देखा तो उसका चालक भाग चुका था।
विज्ञापन

3 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पुलिस और ग्रामीणों के साथ राहगीर ने घायलों की मदद की। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया।

4 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन पर भी हुआ था ऐसा ही दर्दनाक हादसा
पिछले वर्ष 17 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर भी ऐसा दर्दनाक हादसा शिकारपुर क्षेत्र के सलेमपुर गांव के पास हुआ था। उस हादसे में भी अपने घरों से दूर रहकर नौकरी कर रहे 12 लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 30 लोग घायल हुए थे। उसमें वस चालक की लापरवाही सामने आई थी।
विज्ञापन

5 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
वाहन में सवार लोग बार-बार चालक से लगाते रहे यह गुहार
जिला अस्पताल में भर्ती घायल आशीष और उनकी पत्नी नीलम ने बताया कि वे लोग ड्राइवर से कह रहे थे कि धीरे-धीरे चलाओ लेकिन वह नहीं माना। तेज रफ्तार की वजह से ही स्पीड ब्रेकर के आते ही कैंटर अनियंत्रित हो गया। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त लगभग सभी लोग नींद में थे।
विज्ञापन

6 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
लोग पंजाब के मोड़ा से बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे तीन कैंटर में सवार होकर अपने गांव जाने के लिए निकले थे। पंजाब से उनके साथ चलीं दो गाड़ियां आगे निकल गई थीं। उन्हें पाने के लिए चालक सुनील ने स्पीड बढ़ा दी थी। आशीष ने कई बार उससे धीरे चलाने के लिए कहा था। तेज रफ्तार से कैंटर में सवार बच्चों और महिलाओं को हो रही परेशानी का हवाला भी दिया था। इसके बावजूद चालक ने उन्हें अनसुना कर दिया।
विज्ञापन

7 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
आशीष ने बताया कि हरदोई और शाहजहांपुर के रहने वाले लगभग 80 से 90 परिवार पंजाब में अलग-अलग जगह जगहों पर स्थित ईट भट्ठों पर मजदूरी करते हैं। लगभग आठ महीने पहले शाहजहांपुर निवासी ठेकेदार मैंस ने सभी को पंजाब के मोड़ा भट्टी स्थित ईट भट्ठों पर मजदूरी के लिए भेजा था। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे सभी लोग तीन गाड़ी किराये पर करके अपने-अपने गांव जा रहे थे। गाड़ियों को ठेकेदार मैंस ने ही किराये पर कराया था।

8 of 10
बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
इन लोगों का मेरठ में चल रहा उपचार
रोहिनी (13), पंचम (17), तारा (20), सुमित (13), सोनू (29), सतीश (50), रामचंद्र (60), छोटी (30), मोहिनी (14), रामवीर (24), निशांत (10) सभी निवासी गांव सुरजीपुर थाना बेठा गोकुलधाम जनपद हरदोई, विजय (10) निवासी मियांपुर थाना थाना सिंधौली जनपद शाहजहांपुर, बिजेंद्र (25), आयुष (5), तनु (6) निवासी गांव माईपुर थाना सिंधौली जनपद शाहजहांपुर, रमाकांत (32) निवासी पपड़ीपुरा जनपद शाहजहांपुर, उर्मिला (20) और अजीत (15) निवासी शाहजहांपुर, नैंसी और नीतू निवासी हरदोई, उमेश (60) निवासी खजानपुर, मंजूदेवी (45) निवासी गांव गुदुराओ, ललित (15) और आयुषी (2) का इलाज मेरठ के मेडिकल कालेज में चल रहा है।

9 of 10
Prv, up 112 - फोटो : ANI
शाहजहांपुर के मियांपुर गांव में मातम का माहौल
बुलंदशहर में डीसीएम और ट्रक के टकराने से हुए हादसे में सिंधौली के मियांपुर के मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत की सूचना आने के बाद गांव में मातम छाया हुआ है। मरने वालों के परिवार के कई लोग घायल हुए हैं। मियांपुर गांव निवासी रवि (18 वर्ष), अपनी मां माधुरी उर्फ नत्थी (40 वर्ष) समेत परिवार के आठ लोगों के साथ रक्षाबंधन के बाद ईंट-भट्ठे पर काम करने गए थे। उनके साथ में पड़ोसी शिवदेवी (60 वर्ष) का परिवार भी था। हादसे में रवि और उसकी मां माधुरी की मौत हो गई। पिता उमेश, 13 वर्षीय भाई अजीत, 12 वर्षीय मंजीत, आठ वर्षीय भूरे, कृष्णपाल, बहन विट्टा देवी घायल हो गए हैं। हादसे की सूचना यहां आने पर परिवार में परिजन बिलख पड़े। रवि के बाबा जयराम ने बताया कि रवि के पिता उमेश अपने समधी महेश के साथ काम करने गए थे। हादसे के बाद जयराम और कांति के आंसू नहीं थम रहे हैं।
विज्ञापन

10 of 10
बुलंदशहर हादसा - फोटो : अमर उजाला
रेडियम रहित ब्रेकर भी बन रहे हादसे की वजह
जहांगीराबाद-बुलंदशहर मार्ग पर कई बड़े-बड़े ब्रेकर बने हुए हैं। इन बड़े-बड़े अव्यवस्थित ब्रेकरों पर सही तरीके से रेडियम की पट्टी न खींचे जाने के कारण वाहन चालक धोखा खा जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

संबंधित वीडियो-



यह भी पढ़ें- तीन शादियां... तीसरी की ली जान: आठ दिन पहले ही किया विवाह; पहली पत्नी को सालभर बाद छोड़ा, दूसरी को 15 दिन बाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें