फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

5 बहनों का अकेला भाई था दिलशाद, महंगी कारों के शौक में खर्चे काफी पैसे पर ऐसे मिली मौत

Tue, 04 Sep 2018 12:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
देश की राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में सरेशाम हुई हत्या की वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है। वारदात की सूचना मिलते ही दिलशाद के रिश्तेदार और मिलने वालों का होली फैमिली अस्पताल में तांता लग गया। भीड़भाड़ इलाके से भी बदमाशों के भाग जाने से नाराज लोगों ने अस्पताल में हंगामा कर नारेबाजी की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। 
विज्ञापन

2 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
मामले की छानबीन कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिलशाद के खिलाफ जामिया नगर थाने में हत्या के प्रयास समेत कई मामले दर्ज हैं। इसी 24 अगस्त को दो माह जेल में रहने के बाद दिलशाद जमानत पर आया था। पुलिस परिजनों व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। दिलशाद के परिवार के एक करीबी ने बताया कि उसके पिता दुल्ला खान व अन्य सदस्य सटला मेरठ में रहते हैं। दिलशाद इकलौता बेटा था। 
 
विज्ञापन

3 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2015 में वह बसपा के टिकट पर जिला पंचायत के सदस्य का चुनाव जीता था। दिल्ली में वह पहलवान चौक, बटला हाउस के पास फ्लैट में पत्नी रिजवाना और तीन बच्चे मरियम (8), बेटे उमर (7) और सात माह के बेटे अम्मार के साथ रहता था। जामिया में दिलशाद का प्रॉपर्टी का कारोबार था और बटला हाउस में ही उसका ऑफिस था। 

4 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
दिलशाद की हत्या कहीं पार्किंग विवाद को तो लेकर नहीं हुई, इसको लेकर भी चर्चा है। गांव में चर्चा है कि जिला पंचायत सदस्य दिलशाद का दिल्ली में ही पार्किंग को लेकर कुछ लोगों से लगभग तीन माह पहले विवाद हुआ था। जिसमें दिलशाद, उसके भतीजे साकिब, भांजे तालिब व दोस्त रिजवान को जेल जाना पड़ा था। तभी से सभी जेल में थे। दिलशाद के भतीजे वसीम ने बताया कि दिलशाद आठ दिन पूर्व ही जमानत पर आए थे। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
विज्ञापन

पहली बार लड़ा था चुनाव 

5 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
वसीम ने बताया कि उसके चाचा दिलशाद ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव पहली बार लड़ा था। बसपा से वार्ड नंबर 34 से चुनाव लड़े दिलशाद ने पहले ही प्रयास में जीत हासिल की थी।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

दिलशाद को महंगी कारों का था शौक

6 of 6
bsp leader dilshad - फोटो : अमर उजाला
दिलशाद के करीबी रिश्तेदार ने बताया कि दिलशाद को महंगी कारों का शौक था। उसके पास फॉरच्यूनर कार के अलावा कई कारें हैं। कई कारों के अलावा दिलशाद के पास बुलेट समेत कई बाइक भी हैं। सोमवार शाम हत्या से कुछ देर पहले दिलशाद को सीसीटीवी फुटेज में अपनी बुलेट बाइक लेकर जाते हुए देखा गया। कुछ ही देर बाद वह घर वापस भी आ गया। इसके बाद करीब 6.00 बजे उसे गोली मार दी गई। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें