पुलिस पिछले तीन दिनों में इस मामले में क्लू की तलाश में दर्जनों युवक-युवतियों से पूछताछ की है। अधिकतर युवक और युवतियों ने बताया कि वे हुक्का बार में जाते हैं। कुछ लोगों ने बियर बार में जाने की बात स्वीकारी है। कुछ युवतियों ने बताया कि महंगे शौक पूरा करने के लिए दोस्तों का सहयोग लेती हैं। दोस्ती के चक्कर में कई युवतियां नशे की गिरफ्त में आ गई हैं। इनमें डिग्री कालेज से लेकर इंटर कालेज के युवक और युवती शामिल हैं। नशे की गिरफ्त में लेने और हवस जगाने के बाद अवसर की तलाश में बैठे गिद्ध युवक-युवतियों को अवैध संबंधों के दलदल में घसीट लेते हैं। इन संबंधों का समाज में कोई स्थान नहीं, कोई मान्यता नहीं। इनमें फंसने और निकलने दोनों ही में कहीं न कहीं अपराध जन्म ले लेते हैं। अपराधों पर लगाम लगाने की पुलिस की कोशिश तभी रंग ला सकती है जब शौक, सेक्स, नशा और अपराध के इस तिलिस्म को तोड़ दिया जाए। खुद पुलिस अधिकारी ऐसा मानते हैं, पर यह समाज के सहयोग से ही संभव होगा।