साहिबाबाद के कृष्णा विहार कुटी में प्रीति की बहादुरी से कई लोगों की जान बच गई। सामने करीब छह फीट लंबा तेंदुआ देखने के बाद भी प्रीति घबराई नहीं, बल्कि अपनी सूझबूझ और बहादुरी से उसे घर में कैद कर दिया। जिसे 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा जा सका। (सभी फोटोः सौरभ पांडेय/साहिबाबाद)
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
कालोनी में घर के बाहरी कमरे में परचून की दुकान चलाने वाले सतपाल की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी प्रीति दिल्ली विश्वविद्यालय में बीए फाइनल ईयर की छात्रा है। बृहस्पतिवार रात करीब साढे़ आठ बजे प्रीति दुकान बंद होने के बाद घर के मेन गेट के पास ही बैठी थी। तभी उसे खटपट की आवाज सुनाई दी। उसने बताया कि वह खड़ी ही हुई थी कि उसने देखा कि करीब छह फीट लंबा और चार फीट ऊंचा तेंदुआ घर के बाहर बंधी उसकी गाय पर झपट्टा मार रहा है। वह तेंदुए को भगाने के लिए बाहर की ओर ही बढ़ी कि तेंदुए ने उस पर हमला करने के लिए छलांग लगाई।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
इस बीच वह छत की ओर दौड़ पड़ी। तेंदुआ उसके पीछे दौड़ा तो वह बालकनी की ओर भागी और तेंदुए को पीछे आता देख तुरंत बालकनी का गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रीति की सूझबूझ सिर्फ यही खत्म नहीं हुई। बालकनी से वह चिल्लाई कि घर में तेंदुआ है और कोई नहीं, दरवाजा बंद कर दो।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
बेटी की आवाज सुन बाहर खडे़ पिता सतपाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इस तरह तेंदुआ घर में कैद हो गया। इसके बाद प्रीति को सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा गया। इस दौरान प्रीति की मां और भाई बाजार गए थे।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
तेंदुआ आया तो फूल गए वन विभाग के हाथ पांव
असली तेंदुआ होने की सूचना से ही वन विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। सूचना के करीब दो घंटे बाद जिला वन अधिकारी बीपी सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन कार्रवाई नहीं की। देर रात करीब साढे़ 12 बजे टीम मेरठ से पिंजरा और रेस्क्यू टीम आने का इंतजार कर रही थी।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
डीएफओ बीपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ पकड़ने में उनकी टीम एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में मेरठ की टीम को सूचित किया गया। जहां से टीम 2 बजे रात पहुंची। मेरठ टीम ने तेंदुए को दो बार ट्राइंकुलर गन से नशे का इंजेक्शन दिया जिसके बाद भी तेंदुआ गुर्राता रहा।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
तब उसे तीसरी बार इंजेक्शन दिया गया जिसके बाद वो बेहोश हो गया। तब उसे जाल में लपेटकर मेरठ टीम अपने साथ ले गई। इस पूरी मशक्कत में करीब 10 घंटे बीत गए।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
बता दें कि तेंदुआ बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे देखा गया था जो शुक्रवार सुबह 6 बजे पकड़ा गया।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
जुटी रही भीड़, लाठी फटकारती रही पुलिस
तेंदुआ आने की सूचना फैलते की कृष्णा विहार कुटी, गगन विहार समेत आसपास की कालोनी के लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ सतपाल के घर के आसपास आकर तेंदुए को देखना चाहती थी। देर रात तक भीड़ को रोकने के लिए पुलिस लाठी फटकारती रही।
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घर में बंद न होता तो अनर्थ हो जाता
तेंदुआ अगर सही समय पर घर में बंद न होता तो बाजार में खरीदारी कर रहे कई लोगों की जान जा सकती थी। दरअसल, सतपाल के घर के बाहर ही बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार लगा था। जिसमें सैकड़ों महिलाएं, बच्चे और अन्य लोग मौजूद थे। अगर तेंदुआ हमला करता तो जानें जा सकती थीं।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
पहले भी आ चुका है तेंदुआ
करीब एक पखवाडे़ पहले एक तेंदुआ लोनी की ट्रोनिका सिटी की पुलिस चौकी में घुस गया था। वन विभाग की टीम आने से पहले वह वहां से भाग गया था।
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- फोटो : सौरभ, गाजियाबाद ब्यूरो
हालांकि वन विभाग ने उसके तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं की थी। इससे पहले पिछले साल जुलाई में तेंदुआ मेरठ रोड स्थित प्रीसीडियम स्कूल में घुस गया था। वहां भी वह पकड़ा नहीं जा सका था।