श्रीदेवी
इसके साथ ही अपने लेटर में वर्मा ने ये भी बताया है कि श्रीदेवी ताउम्र एक दुखी महिला रही हैं। भविष्य को लेकर अनिश्चितता, उनकी निजी जिंदगी के खराब दौर ने उनके दिमाग पर गहरा असर किया था, जिससे वे पूरी उम्र उबर नहीं सकीं। वे अपनी जिंदगी काफी कुछ सह चुकी थीं और बतौर चाइल्ड आर्टिस करियर शुरू करने की वजह से उन्हें मौका ही नहीं मिला कि वे सामान्य तरीके से बड़ी हो सकतीं।