बॉबी ने जब चुनाव लड़ने का फैसला किया तो उनसे टिकट के बदले 50 लाख रुपये की मांग की गई जिसके बाद उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया और चुनाव में उतर गईं।
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मेरे जन्म लेने के साथ ही ये बात साफ हो गई थी कि मैं आम बच्चों से अलग हूं लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई लोगों ने मेरे साथ भेदभाव करना शुरु कर दिया। तभी मैंने तय कर लिया था कि मैं अपने जैसे लोगों के लिए कुछ करूंगी। दसवीं पास करने के बाद मैंने सामाजिक कार्यों में भाग लेना शुरु कर दिया ।
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सबसे पहले मैंने अपने ही समुदाय के लोगों को जागरूक करने पर पर ध्यान दिया। इस दौरान मैंने महसूस किया कि मुझे पॉलिटिक्स में जाना चाहिए।
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मुझे लगा कि राजनीति में जाकर मैं अपने समुदाय के लोगों की ज्यादा मदद कर सकती हूं। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन में भाग लेने के साथ ही मैंने औपाचारिक तौर पर राजनीति में कदम रखा और भारतीय समाजवादी पार्टी से जुड़ गई।
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- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली में एमसीडी चुनाव के लड़ रही बॉबी किन्नर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं और अकेले ही बीजेपी,आप और कांग्रेस जैसी पार्टियों को टक्कर दे रही हैं।
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बॉबी बताती हैं कि वो इसलिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं क्योंकि जब वो टिकट मांगने गईं तो उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई। उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया और फैसला किया वो किसी पार्टी के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ेंगी।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बॉबी बताती हैं कि सामाजिक जीवन में आने के बाद मैंने महसूस किया कि हमारे समुदाय की सबसे बड़ी समस्या स्वच्छता और जन सुविधाओं की कमी है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी हम काफी पिछड़े हुए हैं।
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- फोटो : SELF
शहर में हर तरह के लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में टॉयलेट उपलब्ध हों और सीवर लाइन का उपलब्ध हो इसके लिए काम करना सबसे जरूरी है। साथ ही साथ सबको समान और अच्छी शिक्षा मिल सके इसके लिए काम करना मेरी पहली प्राथमिकता है। बॉबी किन्नर बताती हैं कि अपने इलाके के बच्चों को शिक्षित करने के लिए वो खुद एक प्राईमरी स्कूल भी चलाती हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बॉबी इस बात से खुश हैं कि अब उनके इलाके के लोग आगे बढ़कर उनका साथ दे रहे हैं और उन्हें अपने जज्बे को आगे बढ़ाने के लिए सहारा दे रहे हैं।
वो बताती हैं कि जब वो इलेक्शन में उतर रहीं थीं तो उनके मन में इस बात को लेकर काफी संकोच था लेकिन लोगों के प्यार और सहयोग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ा दिया है। बॉबी कहती हैं कि लोकतंत्र की यही खासियत है कि अगर आप सही मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं तो लोग आपका साथ देते हैं।