गर्लफ्रेंड और पैसों की चाहत में जाफराबाद इलाके में तीन नाबालिगों ने मिलकर कारोबारी के 12 वर्षीय बेटे को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। एमएस पार्क इलाके में शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपियों ने 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। लेकिन कॉल करते ही तीनों पुलिस के जाल में फंस गए। पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक बच्चे की पहचान मो.अदी (12) के रूप में हुई। अदी परिवार के साथ गली नंबर-7, चौहान बांगर, जाफराबाद में रहता था।
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नाबालिगों का खूनी खेल, गर्लफ्रेंड के लिए मासूम की हत्या
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परिवार में पिता मेहराजुद्दीन, मां सुल्ताना परवीन, दो बड़े भाई हैं। मेहराज का लोहे की टंकी बनाने का कारोबार है। अदी मौजपुर स्थित नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था। 13 सितंबर की शाम करीब 7.30 बजे उसे उसका दोस्त घर से बुलाकर ले गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने देर रात जाफराबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच 19 सितंबर को मेहराज के पास फिरौती की कॉल आई और 10 लाख रुपये मांगे गए। पुलिस कॉल के आधार पर तलाश करती हुई चौहान बांगर गली नंबर-13 पहुंच गई।
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वहां से एक नाबालिग को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ हुई तो पुलिस ने दो नाबालिगों को और दबोच लिया। पकड़े गए एक नाबालिग की मां मेहराज की फैक्ट्री में काम करती है। उसी नाबालिग के एक दोस्त को एक लड़की से प्रेम हो गया था। शादी करने के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। दोस्तों से बातचीत के दौरान मेहराज के यहां काम करने वाली महिला के बेटे ने बताया कि उसके मालिक के बेटे को अगवा कर उससे फिरौती मांगी जा सकती है।
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13 सितंबर को जिस नाबालिग को अदी जानता था, वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ गली नंबर-13 के एक कमरे में ले गया। तीनों नाबालिगों ने इस कमरे को किराये पर लिया था। कमरे में लाकर अदी को जबरदस्ती भांग की गोलियां खिलाई गई, बाद में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपियों को डर था कि वह पकड़े जाएंगे। इसके लिए उन्होंने 24 घंटे तक शव को उसी कमरे में रखा।
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बाद में एक पॉलीथीन में लपेटकर एक चटाई में पैक किया गया। अंधेरे में आरोपी शव को मानसरोवर पार्क में रेलवे लाइन के पास फेंक आए। अगले ही दिन 15 सितंबर को पुलिस को अदी का शव बरामद हो गया। शव देखकर डॉक्टरों ने युवक का शव होने की बात कही। मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर 19 सितंबर को पोस्टमार्टम कराकर शव को जला दिया।
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जाफराबाद इलाके में मासूम अदी के परिजनों को सोमवार सुबह पुलिस ने उसकी हत्या की सूचना दी। परिजनों ने कपड़े और चप्पल देखकर मासूम की पहचान की। इसके बाद लोगों की भारी भीड़ जाफराबाद थाने के बाहर इकट्ठा हो गई। भीड़ ने थाने के बाहर खड़ी बाइकों को गिरा दिया। पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से जख्मी हो गए।
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परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने कैसे बिना पहचान किए बच्चे के शव को जला दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर परिवार के लोगों को थाने से हटाया। इस बीच रोड नंबर-66 पर ट्रैफिक भी रोकना पड़ा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों की ओर से लापरवाही बरती गई। डॉक्टरों ने बच्चे की सही उम्र न बताकर उसे युवक बताया, जिसकी वजह से उसकी पहचान के प्रयास नहीं किए गए।