गुरुग्राम के सेक्टर-93 स्थित स्पेज सोसायटी में प्रेम प्रसंग के शक में भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश सचिव मुनेश गोदारा (34) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला की हत्या करने का आरोप उसके पति सुनील गोदारा पर लगाया है। वह हादसे के बाद से फरार है। बताया जा रहा है कि मुनेश और सुनील के बीच कहासुनी हुई थी।
घटना के बाद मुनेश के परिजन भी हतप्रभ है। बड़े भाई सुनील जाखड़ ने बताया कि वह मुनेश की सोसायटी से कुछ ही दूरी पर सेक्टर-83 में रहते हैं। मुनेश का घर पर काफी आना-जाना था। शनिवार को छोटे भाई के बेटे की तबीयत खराब होने के कारण मुनेश उसका हालचाल जानने घर पर आई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे तक रुकी। उन्होंने उससे कहा कि यहीं रुक जाओ, लेकिन उसने बताया कि बेटी का सुबह आर्मी स्कूल में दाखिला परीक्षा है, इसलिए जाना जरूरी है।
विज्ञापन
3 of 6
BJP leader murder case
- फोटो : अमर उजाला
भाई ने भावुक होते हुए बताया कि घर छोड़ने के कुछ ही देर बाद मेरे पास फोन आया कि मुनेश को उसके पति ने गोली मार दी। जब तक मैं पहुंचा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मुनेश परिवार के बारे में काफी सोचती थी, कल अगर मैं उसे किसी तरह घर पर रोक लेता तो आज वह हमारे बीच होती। उन्होंने बताया कि वह अपनी बहन का अंतिम संस्कार अपने गांव ले जाकर करेगा।
4 of 6
मृतक मुनेश गोदरा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
18 सालों में नहीं रहे अच्छे संबंध
परिवार वालों ने बताया कि 2001 में मुनेश की सुनील के साथ शादी की थी। शादी के बाद से ही सुनील उसे परेशान करता था। इस दौरान कई बार तलाक तक की नौबत आ गई, लेकिन परिवार के लोगों के समझाने पर सब ठीक हो गया। 2012 में पति से परेशान होकर उसने आत्महत्या की कोशिश की थी। हालांकि उस वक्त पारिवारिक मसला होने के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
विज्ञापन
5 of 6
BJP leader murder case
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी का इशारा नहीं समझ पाए
बीते कई दिनों से पति-पत्नी के बीच तकरार चल रही थी। शनिवार को आरोपी सुनील ने मुनेश के एक रिश्तेदार को फोन करके कहा था कि आज मुनेश और उसका भाई सुनील जिंदा नहीं बचेंगे। इससे पहले भी वह कई बार ऐसी धमकियां दे चुका है, इसलिए किसी ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। सुनील ने बताया कि अगर उसे जरा भी आशंका होती, तो वह अपनी बहन को उसके घर पर नहीं भेजता।
पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही थी
मुनेश पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही थी। शादी से पहले वह स्टेनो की नौकरी करती थी, हालांकि बाद में उसे छोड़ दी। एमए करने के बाद उसने घर की जिम्मेदारी संभालते हुए आगे की पढ़ाई नहीं की। कुछ वर्ष पूर्व परिवार के लोगों के समझाने पर दोबारा पढ़ाई शुरू की। फिलहाल वह एलएलबी कर रही थी।