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छोटी उम्र में बड़े सपने लेकर, कोई आईएएस तो कोई डॉक्टर बनने की रखता है चाहत

Tue, 07 May 2019 03:07 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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परिवार के साथ राधिका गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
आईआईटी मुम्बई से बीटेक करना चाहती हैं राधिका 

99.6 फीसदी अंक के साथ देश में दूसरे नंबर और ग्रेटर नोएडा में टॉप करने वाली राधिका गुप्ता आईआईटी मुंबई से बीटेक करना चाहती हैं। अभी से वह फिट्जी की क्लास लेकर इंजीनियरिंग परीक्षा के लिए तैयारी कर रही हैं। खास बात यह है कि राधिका ने इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली और सेल्फ स्टडी कर मुकाम हासिल किया है।

डीपीएस ग्रेनो की छात्रा राधिका बीटेक करने के बाद आईएफएस बनना चाहती हैं। राधिका के पिता संजीव गुप्ता नोएडा की एक कंपनी में जीएम हैं, जबकि मां राखी गृहिणी हैं।राधिका ने बताया कि बहुत अधिक पढ़ाई की अपेक्षा प्रतिदिन टॉपिक चुनकर पढ़ाई की है।

स्कूल के बाद रोजाना 3 घंटे पढ़ाई करती थी। राधिका ने परीक्षा के दौरान आईपीएल मुकाबले भी देखे। वह कक्षा चौथी से घुड़सवारी सीख रही है और कई मेडल भी जीते हैं। वह स्कूल में वॉलीबॉल भी खेलती है। 
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आईएफएस अधिकारी बनना है : श्रीगोपाल

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माता-पिता के संग डीपीएस ग्रेटर नोएडा के छात्र श्रीगोपाल - फोटो : अमर उजाला
डीपीएस ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थी श्रीगोपाल ने 98.6 फीसदी अंकों के साथ ग्रेनो में तीसरा स्थान हासिल किया है। वह एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके बाद वह आईएफएस अधिकारी बनना चाहते हैं। उनके पिता हेमेंद्र सिंह आईआईटी-रुड़की कैंपस ग्रेटर नोएडा में प्रबंधन विभाग में कार्यरत हैं। माता प्रगति सिंह गृहणी हैं।

उन्होंने बिना ट्यूशन के ही स्वयं तैयारी की है। वह सामान्य दिनों में रोजाना करीब 2 से 3 घंटे पढ़ते और परीक्षाओं में अधिक समय पढ़ाई को देते हैं। वह खेलों से थोड़ा दूर रहते हैं लेकिन डिबेट, कविता पाठ में हिस्सा लेना उनका शौक है।
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न्यूरो सर्जन बनना चाहती है जैहरा अजीम

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परिवार के साथ जैहरा अजीम - फोटो : अमर उजाला
छात्रा जैहरा अजीम ने 99 फीसदी अंक के साथ ग्रेटर नोएडा में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह रोजाना करीब 5 घंटे पढ़ाई करती थी और और छुट्टी वाले दिन 9 घंटे पढ़ती थी। बिना ट्यूशन उसने तैयारी की है। वह न्यूरो सर्जन या न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती है।

जैहरा के पिता अजीम सिविल इंजीनियर हैं और मां शकीना नकवी आर्किटेक्ट हैं। मूलत: अमरोहा निवासी जैहरा का परिवार ग्रेनो की पूर्वांचल हाईट्स सोसाइटी में रहता है। जैहरा की इच्छा है कि वह न्यूरो सर्जन बनकर गरीबों का सस्ता इलाज करे। वह एम्स या एएमयू से डॉक्टरी की पढ़ाई करना चाहती है।

उसे उर्दू और अंग्रेजी में कविताएं लिखने का शौक है। जैहरा को कराटे में ग्रीन बेल्ट स्टेप-टू मिली है। पहले प्रदेश स्तर पर कराटे में कांस्य पदक भी जीत चुकी है। उन्होंने बताया कि रिवीजन करना ही बोर्ड परीक्षाओं के लिए सफलता की कुंजी है। 
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सीए बनना चाहती हूं : चहल गुप्ता

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चहल गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
एस्टर पब्लिक स्कूल की छात्रा को चहल गुप्ता को 98.6 फीसदी अंक मिले हैं। उन्होंने शहर में तीसरा स्थान हासिल किया है। वह सीए बनना चाहती है। चहल के पिता प्रवीन कुमार एक कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते है जबकि मां अर्चना गुप्ता ग्रहणी है।

चहल ने बताया कि वह डीयू से बीकॉम करना चाहती है। उन्होंने रोजाना 5 से 6 घंटे की पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। चहल पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन खेलती है। उन्होंने सफलता का मंत्र देते हुए बताया कि शुरुआत से लय बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए।

जिससे परीक्षा के समय अचानक बोझ नहीं पड़ता है।उन्होंने कहा कि जब ज्यादा समय पढ़ाई करनी हो तो 45 मिनट बाद ब्रेक लेकर पढ़ाई करनी चाहिए।
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