विवाह के साथ ही होंगे और कई शुभ कार्य
शहर में इस दिन जहां कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे तो वहीं कुछ लोग सोना और आभूषण की खरीदारी करेंगे। यह दिन गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी, भूमि पूजन और किसी नए व्यापार की शुरुआत के लिए भी बिलकुल उपयुक्त माना गया है। अक्षय तृतीया पर जितना महत्व दान-पुण्य का है, उतना ही सोने की खरीदारी का भी है। पं. जुगल किशोर ने बताया कि सोना अग्नि तत्व माना गया है। तृतीया तिथि भी अग्नि तत्व है, जिसकी स्वामिनी गौरी है। मां गौरी को लाल रंग प्रिय है। इस कारण अग्नि के रूप में सोने की खरीदारी करना अति शुभकारी है।