ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के एक निजी बस ने सड़क के किनारे खड़े एक ट्रक को टक्कर मार दी, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 लोग घायल हो गए। हादसा डबल डेकर बस और ट्रक के बीच टक्कर की वजह से हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस आगरा से नोएडा आ रही थी। इसी बीच बस ने एक ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी।
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फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'आज ग्रेटर नोएडा में बस दुर्घटना में आठ लोगों के निधन से मुझे बहुत दुःख पहुंचा है, ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को संबल देने की प्रार्थना करता हूं। दुर्घटना में घायल यात्रियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना करता हूं।'
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
वहीं एक्सप्रेसवे के पास भट्टे पर रहने वाले लोगों ने बताया कि सुबह पांच बजे के करीब तेज आवाज हुई। इसके बाद चीख पुकार शुरू हो गई। कुछ वाहन चालकों ने रुककर दुर्घटना के फोटो खींचे, लेकिन मदद नहीं की। कुछ लोगों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। लगभग सवा पांच बजे जेवर पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ समय बाद रबूपुरा इंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
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एम्स में ऑपरेशन से पहले ही हादसे ने छीन लिया बेटा
मोहम्मद जहांगीर निवासी बजरिया के बेटे असद (12) का एक साल पहले खेलने के दौरान पैर टूट गया था, जिसका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था। डाक्टरों ने शुक्रवार को पैर के आपरेशन की तिथि दे रखी थी। असद को लेकर जहांगीर दिल्ली जा रहे थे। हादसे में सीटों के नीचे दबने से असद की मौत हो गई।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
जहांगीर के पैर में फैक्चर से वह बेटे की मदद नहीं कर सके। वहीं, मूलरूप से जालौन निवासी अरुण दिल्ली में सिलाई करते थे। वह पत्नी सीमा के साथ दिल्ली जा रहे थे। घायल होने के बावजूद सीमा ने सीटों के बीच फंसे अरुण को बमुश्किल बस से बाहर निकाला, लेकिन कुछ देर बाद अरुण ने सीमा की गोद में दम तोड़ दिया।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
- फोटो : मनोज/दीपक सिंघल
पुलिस के पास रेस्क्यू करने के लिए नहीं थे संसाधन
हादसे के बाद बस केबिन तक ट्रॉले में फंसी हुई थी। इससे बस का दरवाजा सहित अंदर जाने के रास्ते बंद थे। बस का आपातकालीन गेट खुल नहीं पा रहा था। ऐसे में पुलिस की गाड़ियों को बस के साथ लगाकर रेस्क्यू शुरू किया गया। बाद में जेपी कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने सीढ़ी व कटर से बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा 8 की मौत
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108 एंबुलेंस सुविधा नहीं मिली
जेवर कोतवाली में तैनात एसएसआई फिरोज खान ने बताया कि बस से रेस्क्यू के बाद बाहर निकाले गए लोगों को अस्पताल भेजने के लिए दो एंबुलेंस एक्सप्रेसवे व तीन कैलाश अस्पताल की पहुंची थीं, लेकिन उनमें घायल नहीं आ पाए तो 108 की मदद लेने की काफी कोशिश गई, पर मदद नहीं मिली। इसके बाद पुलिस की गाड़ियों व दोबारा उन्हीं एंबुलेंस को बुलाकर घायलों को अस्पताल भेजा गया।