छठ से पहले अचानक से उठ रही की झाग पर पर्यावरणविदों का कहना है कि समुद्र, नदी समेत दूसरे जल स्रोतों में अमूमन झाग वसा के अणु वाले पौधों के गलने से बनता है, लेकिन इस वक्त यमुना की झाग के मूल में फॉस्फेट व नाइट्रेट हैं।
चार दिवसीय छठ पर्व शुरू होने से पहले यमुना ने सफेदी की चादर ओढ़ ली है। दूर-दूर फैली झाग की मोटी चादर छठ व्रतियों के सब्र का इम्तिहान सी लेती नजर आ रही है। ओखला बैराज के बाद नदी का पानी भी दिखना मुश्किल है। उधर, बीते सालों की तरह यमुना की झाग ने दिल्ली की सियासी तपिश भी बढ़ाई है। दिल्ली सरकार व भाजपा ने एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा किया है।
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यमुना ने ओढ़ी सफेदी की चादर
- फोटो : अमर उजाला
एनजीटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना नदी की लंबाई करीब 1,370 किमी है। इसमें से पल्ला से कालिंदी कुंज की लंबाई 54 किमी है। वजीराबाद से कालिंदी कुंज का हिस्सा 22 किमी है। यह नदी की पूरी लंबाई का सिर्फ दो फीसदी है, लेकिन करीब 76 फीसदी प्रदूषण इसी हिस्से में होता है। मानसून के अलावा साल के नौ महीनों में नदी में ताजा पानी नहीं रहता।
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यमुना ने ओढ़ी सफेदी की चादर
- फोटो : अमर उजाला
छठ से पहले अचानक से उठ रही की झाग पर पर्यावरणविदों का कहना है कि समुद्र, नदी समेत दूसरे जल स्रोतों में अमूमन झाग वसा के अणु वाले पौधों के गलने से बनता है, लेकिन इस वक्त यमुना की झाग के मूल में फॉस्फेट व नाइट्रेट हैं। यमुना नदी के शोधार्थी व फिलहाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार के प्रोफेसर डॉ. रामकुमार सिंह बताते हैं कि साल भर प्रदूषित रहने वाली यमुना में इस वक्त झाग ज्यादा इसलिए दिखता है कि सर्दी बढ़ने के साथ आक्सीजन बनने की प्रक्रिया, ऑक्सीजनेशन कहते हैं, धीमी पड़ जाती है। वहीं, ऊपर से यमुना में छठ व्रतियों के लिए ज्यादा पानी छोड़ा जाता है। ओखला बैराज से तेजी से पानी नीचे गिरने पर झाग बनती है। रामकुमार सिंह मानते हैं कि यह तो दूषित नदी के विज्ञान का सामान्य सिद्धांत है। यूरोपीय देशों के अध्ययन बताते हैं कि इसकी एक वजह नदी में अचानक से दूषित पानी में शैवालों का बढ़ जाना भी हो। इसके लिए अलग से अध्ययन की जरूरत है। तभी वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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यमुना ने ओढ़ी सफेदी की चादर
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ दिल्ली के बॉयोडायवसिर्टी पार्क के इंचार्ज फैयाज खुदसर बताते हैं कि पेड़-पौधों की वसा से बनने वाली झाग नुकसानदेह नहीं होती, लेकिन फास्फेट व नाइट्रेट त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। फॉस्फेट पानी की बूंदों के सतह का तनाव (सर्फेस टेंशन) कम कर देता है। इससे बड़ी मात्रा में झाग बनती है। यह पानी ऊंचाई से गिरता है तो झाग की मात्रा बढ़ जाती है। सर्दी के मौसम में तापमान कम होने और हवा दबाव बढने से झाग बनने की तीव्रता बढ़ जाती है।
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- फोटो : अमर उजाला
यूं आता फास्फेट व नाइट्रेट
फास्फेट व नाइट्रेट एक तो घरों में इस्तेमाल होने वाले साबुन से आता है। वहीं, फैक्ट्रियां भी इसकी मात्रा बढ़ा देती हैं। इससे यह भी साबित हो रहा है कि यमुना में बड़ी मात्रा में अशोधित सीवेज छोड़ा जा रहा है। साबुन में फास्फेट कम करने से झाग भी सीमित हो जाएगी।
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यमुना ने ओढ़ी सफेदी की चादर
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए बनता पानी में झाग:
. कालिंदी कुंज में ज्यादा झाग इसलिए बनता है, क्योंकि इस हिस्से में नदी पूरी तरह प्रदूषित रहती है और पानी ओखला बैराज से ऊंचाई से छोड़ा जाता है।
. ऑक्सीजनेशन की प्रक्रिया सर्दी शुरू होने के साथ कम हो जाती है।
. छठ व्रतियों को लिए ज्यादा पानी छोड़ा जाता है, जिसमें ज्यादा फॉस्फेट होता है।
. कार्बनिक अणुओं के सड़ने से झाग बनता है।
. पेड़-पौधों के अलावा घरों व फैक्ट्रियों से निकलने वाले सीवेज से भी यह बनता है।
. इससे पानी का सतही तनाव कम हो जाता है।
. बुलबुला पानी की सतह पर तैरता है।
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यमुना में जहरीले झाग
- फोटो : ANI
झाग पर गरमाई सियासत यूपी गंदा पानी रोके: दिल्ली सरकार
यमुना में झाग की हकीकत का स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार व आम आदमी पार्टी इसकी जिम्मेदारी यूपी सरकार पर डाल रही है। साथ ही केमिकल का छिड़काव कर झाग हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा कि रसायनों की मदद से यमुना नदी पर झाग साफ करने का काम चल रहा है। इसका छिड़काव बृहस्पतिवार को किया गया। इससे एक-दो दिनों में पानी साफ हो जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार यमुना नदी में प्रदूषित पानी न छोड़ें। कालिंदी कुंज बैराज में उत्तर प्रदेश से पानी आ रहा है। जबकि जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती ने कहा कि बैराज के एक तरफ कोई झाग नहीं है, वहीं दूसरी तरफ यमुना नदी का पानी ऊंचाई से गिरने के कारण फोम बन जाता है। कालिंदी कुंज बैराज का कंट्रोल भाजपा शासित उत्तर प्रदेश सरकार के पास है और वह शायद जानबूझकर बैराज के वे ही गेट खोलते है जो दिल्ली की तरफ हैं।
यमुना नदी में केमिकल का छिड़काव
- फोटो : सोशल मीडिया
आस्था से खिलवाड़ कर रही दिल्ली सरकार: भाजपा
दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा पूर्वांचल मोर्चा ने दिल्ली सरकार पर आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप मढ़ा है। मोर्चा अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार व आप नदी का पानी साफ करने की जगह भाजपा नेताओं पर आरोप लगा रही है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने जब छठ पर्व की तैयारी पर सवाल उठाया तो आप के तीन विधायकों ने अनरगल प्रलाप शुरू कर दिया। भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर तो निजी हमले हो रहे हैं। यहां आप नेताओं की हताशा दिख रही है। जबकि मोर्चा मंत्री एस राहुल ने कहा कि केमिकल से क्या यमुना का पानी दूषित नहीं होगा? जीव-जंतुओं व श्रद्धालुओं को नुकसान नहीं पहुंचेगा? पूरे साल केजरीवाल सरकार को याद नहीं रहता है, मगर जब छठ पूजा आती है तो वह अपनी नाकामी छुपाने के लिए केमिकल का छिड़काव कराती है।