गणतंत्र दिवस के समापन समारोह के तौर पर मनाए जाने वाले बीटिंग द रिट्रीट समारोह का समापन हो गया है। हर साल यह कार्यक्रम 29 जनवरी के दिन मनाया जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए गणतंत्र दिवस के आयोजन का औपचारिक एलान किया जाता है।
राष्ट्रपति का काफिला पहुंचने के बाद राष्ट्रगान से कार्यक्रम का आगाज हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति ने तिरंगे को सलामी दी।
कार्यक्रम में पारंपरिक धुनों के साथ तीनों सेनाओं (जल, थल, वायु) के बैंड मार्च करते हैँ।
सभी बैंड ने मिलकर कुल 27 प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद थे। वहीं पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी मौजूद रहे।
प्रमुख संचालक कोमोडोर विजय डी क्रूज थे। सेना के बैंड संचालक सूबेदार परविंदर सिंह, वायुसेना के बैंड संचालक अशोक कुमार है और नौसेना के संचालक पेट्टी ऑफिसर विंसेंट जॉन रहे।
इस बार कुल 8 विदेशी धुनें भी बजायी गईं।
15 पाइप और ड्रम बैंड तथा 15 मिलिट्री बैंड भी मौजूद रहे।
सीआईएसएफ, सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के बैंड ने भी हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम के जरिए सभी सेनाओं के बैरक राष्ट्रपति से तीन दिन के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के समापन के बाद वापस जाने की अनुमति मांगी।
नौसेना की प्रस्तुति पूरी होने पर दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। दर्शकदीर्घा में बैठे बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए।
राजपथ पर यंग इंडिया की धुन बजी जिसे आर्मी मिलिट्री बैंड बजा रहा था।
आर्मी मिलिट्री बैंड ने यंग इंडिया धुन के बाद वीरता की मिसाल धुन बजाई।
आर्मी मिलिट्री बैंड डर्मर कॉल की धुन बजा रहा था।
बगलर्स रिट्रीट धुन बजा रहे थे सभी बैंड।
बैंड को ले जाने की अनुमति मांगी, अनुमति मिलने पर 'सारे जहां से अच्छा' धुन के साथ ली बैंड्स ने विदाई।
तीनों सेनाओं के बैंड के विदाई लेने के बाद पूरा विजय चौक रोशनी से जगमगा उठा और राष्ट्रगान के साथ हुआ तीन दिन के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन।