सितारों को भी चमकने के लिए आसमां की जरूरत होती है। एक सितारा फिर से बुलंद हुआ उसी आसमां में....ये लाइनें बेबाक और बेलौस अंदाज की उस महिला के व्यक्तित्व को बयां करती हैं जो पुरुषों के क्षेत्र में जान की बाजी लगाकर अपना नाम चमका रही है। महिला दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा आकृति खत्री के उस प्रोफेशन के संघर्ष की कहानी आप भी पढ़िए जिस पर कभी पुरुषों का वर्चस्व होता था।
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detective akriti
- फोटो : अमर उजाला
पांच फुट सात इंच लंबाई, गोरा इकहरा बदन और चेहरे पर मासूमियत देखकर कोई कोरा अनुमान भी नहीं लगा सकता कि यह महिला इतना खतरनाक प्रोफेशन अपने लिए चुनेगी। जान की बाजी लगाकर किसी आदमी का पीछा करना और आखिरी तक खतरनाक केसों को सुलझाना। जी हां, यह प्रोफेशन है डिटेक्टिव यानी जासूसी का। आकृति खत्री पेशेवर जासूस हैं।
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नोएडा के फिल्म सिटी सेक्टर 16 में जासूस आकृति का शानदार ऑफिस है। यहां वह तसल्ली से केसों को क्लाइंट से गोपनीय तरीके से समझती हैं। इस क्षेत्र को ही क्यों चुना, के जवाब में आकृति बताती हैं कि जिद थी कुछ कर गुजरने की इस पुरुषवादी समाज में। कोई कोर्स नहीं किया, कोई मैगजीन या सीरियल नहीं देखा। बस, अखबार के एक विज्ञापन के कारण कॅरिअर अब 9 साल का हो गया है।
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बकौल आकृति, शादी के पहले ही पति को इस खतरनाक प्रोफेशन के बारे में बता दिया था। ढाई साल का एक बेटा भी है। बस माता-पिता का सपोर्ट था सो प्रीत विहार के छोटे से ऑफिस से आज यहां तक पहुंच पायी हूं। यहां 20 लोगों का स्टाफ हैं। बताती हैं कि इसमें 70 फीसदी लड़कियां हैं जो दिल्ली में स्टूडेंट भी हैं, यहां पार्ट टाइम जासूसी करती हैं।
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केसों के बारे में बताती हैं कि दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा एक्सट्रा मैरिटल और प्रेम संबंधों के केस आते हैं जो काफी उलझाऊ होते हैं। लड़के-लड़कियां अपने पार्टनर के बारे में शादी करने से पहले उसकी पूरी इन्क्वायरी कराते हैं जिसे वह गोपनीय रखती हैं
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दिल्ली विवि से साइंस ग्रेजुएशन और नोएडा से एमबीए करने के बाद जासूसी का क्षेत्र चुनने वाली आकृति बताती हैं कि कई बार जान का खतरा तब होता है जब किसी लड़के का पीछा ऑड टाइम में करना होता है। शक होने पर पूरी तरह से असुरक्षा हो जाती है। उससे भी ज्यादा डर महिला स्टाफ को लेकर होता है कि कहीं वह फंस न जाए। सामने वाला कब अपना क्रिमिनल माइंड लगा दे, तो देख कर चलना पड़ता है।
अपने इस प्रोफेशन को और आगे बढ़ाने के लिए खत्री अपनी डिटेक्टिव कंपनी वीनस की वेबसाइट के अलावा काउंसलिंग और ट्रेनिंग सेंटर भी खोलने जा रही हैं जिसमें प्रेम संबंधों आदि के बिगड़े हुए केसों के लोगों की काउंसलिंग होगी। साथ ही इस क्षेत्र में नए लोगों को 3 से 6 महीने का कोर्स कराकर ट्रेनिंग भी देंगी।