संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से शनिवार को जारी इंडियन इकोनॉमिक सर्विस परीक्षा-2017 के रिजल्ट में गाजियाबाद की कौमुदी शर्मा ने ऑल इंडिया में सातवीं रैंक हासिल की है। शादी के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच उन्होंने यह सफलता हासिल की है। स्वास्थ्य मंत्रालय में बतौर सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्य करते हुए कौमुदी ने अपने चौथे प्रयास में यह सफलता प्राप्त हासिल की।
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- फोटो : अमर उजाला
कौमुदी की सफलता की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। घर में परिवार की जिम्मेदारियों और दफ्तर के कामकाज के बीच अपनी तैयारी के लिए उन्होंने मेट्रो की यात्रा को चुना। राजनगर निवासी कौमुदी बताती हैं कि घर व दफ्तर में पढ़ाई का समय नहीं था, ऐसे में मेट्रो में बैठते ही अपनी किताबें खोल लेती थीं।
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- फोटो : अमर उजाला
हर रोज सफर में एक चैप्टर को खत्म कर लेती थीं। बाकी छुट्टी के दिन घर पर समय निकालकर तैयारी करती थीं। कौमुदी ने 12वीं तक की पढ़ाई गाजियाबाद के डीपीएसजी स्कूल से की है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कालेज से 2009 में इकोनॉमिक्स ऑनर्स और फिर 2012 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली से एमए इकोनॉमिक्स किया। उसके बाद साल 2013 व 2014 में लगातार दो बार यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की।
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कौमुदी बताती हैं कि वर्ष 2011 में स्वास्थ्य मंत्रालय में सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयन हुआ। इसके बाद मई 2017 में आईईएस की लिखित परीक्षा दी, जिसका बीते 13 सितंबर को साक्षात्कार हुआ था। अब शनिवार को यूपीएसई के घोषित परिणाम में उन्होंने उम्दा रैंकिंग से सफलता प्राप्त की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता टैक्स एडवोकेट कुलदीप कुमार शर्मा, मां साधना शर्मा, पति आईटी इंजीनियर शुभम भारद्वाज और भाई सागर शर्मा के मोटिवेशन और मार्गदर्शन को दिया।
करंट अफेसर्य पर करें फोकस, टू द प्वॉइंट दें जवाब: आईईएस परीक्षा सफल करने वाली कौमुदी शर्मा ने कहा कि फोकस होकर की गई कड़ी मेहनत से सफलता मिली है। तैयारी में करेंट अफेयर्स पर फोकस करना और उसे थ्योरी के साथ एप्लाई करना काफी जरूरी है। थ्योरी के पेपर में सवालों के ज्यादा लंबे जवाब देने के स्थान पर टू द प्वॉइंट जवाब देने की जरूरत होती है। वहीं, 35 मिनट चले उनके साक्षात्कार में करंट अफेसर्य और उनकी ट्रेवलिंग की रुचि, जीएसटी संबंधी सवाल पूछे गए।