बंधन बैंक की सेवानगर ब्रांच में मंगलवार दोपहर ग्राहक बनकर घुसे तीन लुटेरों ने स्टाफ को गन प्वाइंट पर लेकर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए। 15 मिनट में लूट के बाद स्टाफ को बंद कर बदमाश भाग गए। सिहानी गेट पुलिस ने लुटेरों की तलाश में नाकेबंदी की, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढे़। सेवानगर गली नंबर तीन में बिजेंद्र सिंह का मकान है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर बंधन बैंक की ब्रांच है। बैंक मैनेजर प्रमोद हैं और प्रशांत, सूचि, सुनीता, मंजू और शांता कार्यरत हैं। (सभी फोटोः ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद)
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तस्वीरें: लोन की जानकारी मांगते-मांगते लूट ले गए बैंक
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मंगलवार को दिल्ली से ऑडिट करने सीनियर अफसर रूपम दत्ता आए थे। मैनेजर प्रमोद के मुताबिक ‘दोपहर करीब पौने दो बजे लंच टाइम था, शांता फील्ड में थी, बाकी सब लोग ब्रांच में थे। रूपम ऑडिट का काम चेक कर रहे थे। इस दौरान एक युवक ने आकर लोन के बारे में जानकारी मांगी। लंच टाइम होने के कारण उसे पांच बजे के बाद आने को कहा, लेकिन वह बाहर नहीं गया। उसके दो साथी और घुस गए। तीनों की उम्र करीब 30-35 साल थी। दिखने में अच्छे घर के लग रहे थे।
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रूपम और मेरी कनपटी पर तमंचा तानकर लॉकर्स की चाभियां मांगने लगे। काउंटर पर रखे तीन मोबाइल अपने पास रख लिए और चाभी से चार लॉकरों से 1,54,392 रुपये निकालकर ऑफिस में रखे एक थैले में ही रख लिए। हमारे पर्स भी छीन लिए। हमें रूम में लॉक कर दरवाजा बाहर से बंद कर भाग गए। हमारे शोर मचाने पर फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाली आंटी रिंकी ने नीचे आकर दरवाजा खोला। बाहर निकलकर देखा तो वह पैदल भागते दिखे।’
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लूट की सूचना ब्रांच मैनेजर ने पुलिस को दी। सूचना पर सीओ द्वितीय विजय यादव, एसओ सिहानी गेट रणवीर सिंह ने जांच पड़ताल की। एसओ ने बताया कि मैनेजर ने तहरीर दी है। सुनीता ने बताया कि बदमाशों ने जब रूपम पर तमंचा ताना तो वह चिल्लाई-तुम लोग ऐसा कैसे कर सकते हो, हम तुम्हें लूट नहीं करने देंगे। इसके बाद एक बदमाश ने सुनीता को ही गन प्वाइंट पर लिया और धमकी दी कि दोबारा आवाज निकाली तो गोली मार दूंगा।
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दरवाजा बंद करते वक्त एक बदमाश का हाथ दरवाजे में फंस गया, स्टाफ उसे पकड़ने भागा, लेकिन उसने तमंचा तान दिया। इसके बाद बदमाश ने दरवाजे से हाथ निकाला और बाहर से कुंडी लगाकर भाग गया। वह साइकिल से भी टकराया। दो साल से यहां पर काम किया जा रहा था, लेकिन न तो सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे, न ही कोई सिक्योरिटी गार्ड था। नियमों के मुताबिक, हर बैंक अपनी ब्रांच की जानकारी पुलिस को देता है। मैनेजर का कहना है कि पहले यह फाइनेंस कंपनी थी, हाल ही में बैंक का दर्जा प्राप्त हुआ है। बदमाश तीन सौ से अधिक ग्राहकों के पैसे ले गए। मैनेजर ने बताया कि बैंक में शादीशुदा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए 15 हजार से 60 हजार रुपये लोन दिया जाता है। बाद में किस्त बांध दी जाती है।