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दिल्लीवाले बाबा यूं बना कर रखते थे लड़कियों को बंधक और ऐंठते थे लाखों रुपये

Thu, 28 Dec 2017 10:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
रोहिणी के विजय विहार स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर छापेमारी के बाद से नित नये खुलासे हो रहे हैं। आश्रम में रहने वाले महिला अनुयायियों के परिवार वालों ने यहां के संचालक वीरेंद्र देव दीक्षित पर लाखों की रकम डकारने का भी आरोप लगाया है।
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baba virendra dev dixit
उनका कहना है कि बाबा यह रकम दहेज के नाम पर लेता था। पीड़ित परिवार वालों ने बताया कि आश्रम में आने के बाद लड़कियों को नशीली दवा देकर उनका ब्रेेन वॉश कर दिया जाता था। लड़कियां पूरी तरह से बाबा के लिए समर्पित हो जाती थी और आश्रम से जाना नहीं चाहती थी।
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baba virendra dev dixit
इस बात का बाबा फायदा उठाता था और फिर लड़कियों के परिजनों से कहता था कि अगर लड़कियां उनके पास होती तो उसकी शादी करनी पड़ती। शादी के लिए उन्हें दहेज भी देना पड़ता। परिजनों के हामी भरने पर वह उनसे कहता था कि वह उस रकम को आश्रम में दान कर दे।

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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार वालों का कहना है कि बाबा इस तरह से बात करता था कि वह लड़कियों के परिवार वालों को भी सम्मोहित कर लेता था। लोग अपनी जमीन और मकान बेचकर रुपये का इंतजाम करते थे और फिर बाबा को लाखों रुपये सौंप देते थे।
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
रुपये लेने के बाद बाबा उसका कोई रसीद नहीं देता था। बाबा सिर्फ एक हजार रुपये से नीचे का रसीद देता था। परिवार वालों के मुताबिक रुपये लेने के बाद बाबा दस रुपये के स्टांप पर लड़कियों के परिवार वालों से यह लिखवा लेता था कि लड़कियां अब आश्रम में ही रहेगी और अपने घर नहीं जाएगी। उसके बाद बाबा लड़कियों को आश्रम में बंधक बना लेता था। 
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baba virendra dev dixit
बिहार से आई एक लड़की के परिवार वालों का कहना है कि उसकी बहन को भगवान से मिलवाने की बात कहकर आश्रम में लाया गया था। उसे कुछ दिन तक बिहार में रखा गया और फिर उसे छह माह तक फर्रूखाबाद स्थित आश्रम में रखा गया।
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद उसे विजय विहार स्थित आश्रम लाया गया। अभी वह ललितपुर स्थित आश्रम में है। कुछ दिन पहले काफी मशक्कत करने के बाद परिवार वालों को लड़की से मिलाया गया।
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​परिवार वालों ने बताया कि करीब सात आठ दरवाजे के भीतर जाने के बाद उनकी मुलाकात हुई, जहां मुलाकात कराई गई वहां आश्रम की करीब 25 महिलाएं मौजूद थीं। उनके मुताबिक आश्रम वालों ने लड़की को जितना समझाकर भेजा, उतनी ही बात कर वह चली गई। 
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