लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के हत्यारों की बरेली के एक मौलाना के मदद करने का इनपुट जांच एजेंसियों को मिला है। बताया जा रहा है कि बरेली के किला के मलूकपुर इलाके में रहने वाला यह मौलाना भी हाल ही में रईसों की फेहरिस्त में शामिल हुआ है। उसने कमलेश तिवारी के हत्यारों का बरेली में इलाज कराया और फिर यहां से निकलने में भी उनकी मदद की। एसटीएफ और दूसरी जांच एजेंसियां हत्यारों की तलाश के साथ उनके मददगार की भी पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद हत्यारे शुक्रवार रात बरेली पहुंचे थे। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक रात में बरेली रुककर वह सुबह गाजियाबाद की ओर निकल गए। अभी तक की छानबीन में पता चला कि हत्यारे सुबह किसी ट्रेन से बरेली से निकले लेकिन यह पता नहीं लग पाया कि लखनऊ से उनके बरेली आने का माध्यम क्या था। हत्यारे बरेली में किसी होटल में रुके या अपने मददगार के घर, इसकी भी पुष्टि नहीं हो पा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रात में हत्यारों ने बरेली में ही रुककर खाना खाया और आराम किया।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड।
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक रविवार को जांच एजेंसियों और एसएसपी को किसी ने गुमनाम पत्र भेजकर सूचना दी कि मलूकपुर के एक मौलाना ने बरेली में हत्यारोपियों की मदद की थी। इस मौलाना के आतंकी संगठनों से भी संपर्क होने का दावा किया गया है। यह भी कहा गया है कि दो साल में ही इस मौलाना ने काफी पैसा अर्जित किया है। पुलिस और जांच एजेंसियों पत्र में दिए गए इनपुट के आधार पर गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
लखनऊ पुलिस ने बरेली आकर तलाशा संबंध
शनिवार रात लखनऊ पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में यहां आई थी और फिर नए इनपुट के बाद गाजियाबाद की ओर निकल गई। स्थानीय एजेंसियां आरोपियों के बरेली कनेक्शन की जांच कर रही हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरा सच सामने आएगा। चर्चा रही कि बरेली के किसी निजी अस्पताल में एक बदमाश ने चाकू चलाते वक्त अपने हाथ में लगी चोट का एक्सीडेंट बताकर इलाज भी कराया था। हालांकि रविवार को काफी छानबीन के बाद भी एसटीएफ उस अस्पताल और डॉक्टर का सुराग नहीं खोज पाई।
आरोपियों के बरेली में इलाज कराने और स्थानीय स्तर पर उनके किसी मददगार के बारे में अभी कोई ठोस इनपुट नहीं है। एसटीएफ ने भी इस बारे में खुच नहीं बताया है। हालांकि छानबीन करा रहे हैं, कुछ पुष्टि हुई तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी