रानी झांसी रोड पर स्थित दुकानें
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि रेहान, इमरान, सोहेल की 15 फैक्टरी थीं। इनमें ज्यादातर फैक्टरी का मालिक रेहान है। इन लोगों ने अपनी फैक्टरी आगे दूसरे ठेकेदारों को किराए पर दे रखी थीं। आरोपी उन ठेकेदारों को ही फैक्टरी मालिक बता रहे हैं। दूसरी ओर हर ठेकेदार के पास आठ से दस मजदूर काम करते थे। ठेकेदारों या फैक्टरी मालिकों की ओर से इनका पुलिस वेरीफेशन भी नहीं करवाया गया था। जांच में पता चला है कि प्लास्टिक का काम कराने के लिए फैक्टरी में नाबालिग मजदूर रखे गये थे। हादसे में कई नाबालिगों की भी मौत हुई है।