अनाज मंडी इलाके में मौत की फैक्टरी में 100 से ज्यादा मजदूर काम करते थे लेकिन किसी का भी नाम मालिक व अन्य आरोपियों को पता नहीं था। इस बात का खुलासा पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने किया है। इन आरोपियों के लिए मारे गए मजदूर भी मशीन की तरह ही थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए रेहान के साले सोहेल को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड ले लिया।
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delhi anaj mandi fire
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बृहस्पतिवार शाम उसे लेकर अनाज मंडी स्थित फैक्टरी पहुंची। यहां लाकर उससे पूछताछ की गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि रेहान, इमरान, सोहेल की 15 फैक्टरी थीं। इनमें ज्यादातर फैक्टरी का मालिक रेहान है। इन लोगों ने अपनी फैक्टरी आगे दूसरे ठेकेदारों को किराए पर दे रखी थीं।
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- फोटो : पीटीआई
आरोपी उन ठेकेदारों को ही फैक्टरी मालिक बता रहे हैं। दूसरी ओर हर ठेकेदार के पास आठ से दस मजदूर काम करते थे। ठेकेदारों या फैक्टरी मालिकों की ओर से इनका पुलिस वेरीफेशन भी नहीं करवाया गया था। जांच में पता चला है कि प्लास्टिक का काम कराने के लिए फैक्टरी में नाबालिग मजदूर रखे गये थे। हादसे में कई नाबालिगों की भी मौत हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि फैक्टरी में नाबालिगों से काम लिया जा रहा था। केस में अब पुलिस जेजे एक्ट की धारा जोड़कर भी आरोपियों पर कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर पूछताछ सोहेल ने बताया कि हादसे के बाद वह लगातार दिल्ली में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपता रहा। बुधवार को यदि पुलिस उसे गिरफ्तार न करती तो वह रामपुर भागने की फिराक में था।
फिलहाल मामले में पुलिस को रेहान के भाई इमरान की तलाश है। उसकी तलाश में पुलिस छापे मार रही है। पुलिस की टीम बृहस्पतिवार को दिनभर फैक्टरी में मौजूद रही। पुलिस ने आसपास के कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए। रविवार को अनाज मंडी इलाके में एक फैक्टरी में आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई थी और 21 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में फैक्टरी मालिक रेहान, उसके साले सोहेल और मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार किया है।