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AN-32 क्रैशः शहीद राजेश थापा का शव देखते ही घरवालों की टूटी हिम्मत, ये बात कह बेसुध हो रही दादी

Fri, 21 Jun 2019 04:24 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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शहीद राजेश थापा - फोटो : Amar Ujala
वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-32 क्रैश में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके घर पहुंचा। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका परिवार रो-रोकर बेहाल हो गया। उनकी मां तो बार-बार बेसुध हो रही थीं। वहीं शहीद राजेश की दादी जिनके वह सबसे करीब थे वह रो-रोकर एक ही बात कह रही थीं। इस दौरान शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा के अंतिम दर्शनों के लिए आस-पास के इलाकों से भीड़ जुट गई। सबने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आइए देखते हैं शहीद राजेश थापा के अंतिम यात्रा की तस्वीरें...
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शहीद राजेश थापा - फोटो : Amar Ujala
राजेश थापा का पार्थिव शरीर उनके घर फरीदाबाद लाने से पहले पालम एयरपोर्ट पहुंचा जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उसे पुष्पांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर देख पूरा परिवार बेहाल हो गया। उनकी दादी तो बस "हाय मेरा बाबू, हाय मेरा बाबू..." कह कर रोए जा रही थीं। परिवार ही क्या यह मंजर जिसने भी देखा उसकी आंखें छलक पड़ीं। उनके सम्मान में वायुसेना के जवान बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।
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विधायक मूलचंद शर्मा और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर - फोटो : Amar Ujala
शहीद राजेश थापा को देखने फरीदाबाद सेक्टर-23 उनके निवास पर विधायक मूलचंद शर्मा और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर पहुंची। उनके साथ कई और नेता भी मौजूद थे। जिस बेटे के लौटने की आस परिवार कर रहा था उन्हें नहीं पता था कि उसे ऐसे देखना पड़ेगा। आगे पढ़िए शहीद राजेश थापा के बारे में सबकुछ और क्यों वो अपनी दादी के बेहद करीब थे...

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राजेश थापा की मां शिवा थापा अपने बेटे के पार्थिव शरीर को देख रो रहीं - फोटो : Amar Ujala
वायुसेना के लापता विमान में सवार थे फरीदाबाद के फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा
चीन सीमा के पास लापता हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-32 में फरीदाबाद में रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा भी सवार थे। जब से परिजनों को उनके लापता होने की खबर मिली तब से पूरा परिवार परेशान था। हर कोई उनके जल्द से जल्द सकुशल लौटने की दुआ कर रहा था, लेकिन उनकी दुआएं काम न आई।
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शहीद राजेश थापा की बहन - फोटो : Amar Ujala
सेक्टर-23 निवासी 26 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा मूलरूप से नेपाल के रहने वाले थे। उनकी दादी रामा माया थापा ने अमर उजाला को बातचीत में बताया था कि राजेश जब दो साल का था तो वह उसे नेपाल से अपने साथ फरीदाबाद ले आई थीं। रामा माया थापा बिजली निगम से सेवानिवृत्त हैं। राजेश उनके पास ही रहकर पला बढ़ा है।
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शहीद राजेश थापा - फोटो : Amar Ujala
राजेश ने सेंट जॉन्स स्कूल से अपनी पढ़ाई की थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना ज्वाइन कर ली थी। मृत्यु से पहले उनकी पोस्टिंग जोरहाट, आसाम में थी। जिस वक्त पहली बार राजेश के प्लेन के लापता होने की खबर आई थी उस वक्त अमर उजाला ने उनकी दादी से बात की थी। तब उनकी दादी रामा माया देवी ने बताया कि सोमवार तीन जून शाम करीब 5.30 बजे वायुसेना की तरफ से उन्हें सूचना दी गई थी कि राजेश थापा जिस विमान में सवार थे, वो लापता हो गया है। सेना उसकी तलाश में जुटी है। सूचना मिलने पर रामा माया देवी ने इसकी जानकारी नेपाल में राजेश थापा के पिता हरी थापा और माता शिवा थापा को दी। वे भी अगले दिन नेपाल से फरीदाबाद आ गए।
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शहीद राजेश थापा - फोटो : Amar Ujala
27 मई को छुट्टी से वापस गए थे थापा
रामा ने अमर उजाला से बातचीत में ये भी बताया था कि राजेश 2 मई को छुट्टी पर घर आया था और 27 मई को वापस जोरहाट चला गया था। उसके बाद उनकी लगातार बातचीत हो रही थी मगर राजेश की फ्लाइट के गुम होने की सूचना के बाद से सभी घर वाले परेशान रह रहे थे।
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शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा - फोटो : अमर उजाला
हर आहट पर दरवाजे को देखती थीं दादी
चीन सीमा के पास लापता हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-32 की जब तलाश चल रही थी तो विमान में सवार फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा की दादी अपने पोते के सकुशल वापसी की आस में घर के दरवाजे पर आहट होते ही वह दरवाजे की ओर दौड़ती थीं, उनको लगता था कि उनका लाडला आ गया। बचपन से साथ रहने के कारण दादी का पोते के साथ बहुत लगाव था। राजेश थापा भी अपनी छुट्टियों के दौरान पहले दादी के पास आते थे और फिर अपने माता-पिता से मिलने के लिए नेपाल जाते थे। ऐसे में जब से राजेश की मौत की खबर आई है वह बेहाल हो चुकी हैं। 
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