शहीद राजेश थापा
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राजेश ने सेंट जॉन्स स्कूल से अपनी पढ़ाई की थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना ज्वाइन कर ली थी। मृत्यु से पहले उनकी पोस्टिंग जोरहाट, आसाम में थी। जिस वक्त पहली बार राजेश के प्लेन के लापता होने की खबर आई थी उस वक्त अमर उजाला ने उनकी दादी से बात की थी। तब उनकी दादी रामा माया देवी ने बताया कि सोमवार तीन जून शाम करीब 5.30 बजे वायुसेना की तरफ से उन्हें सूचना दी गई थी कि राजेश थापा जिस विमान में सवार थे, वो लापता हो गया है। सेना उसकी तलाश में जुटी है। सूचना मिलने पर रामा माया देवी ने इसकी जानकारी नेपाल में राजेश थापा के पिता हरी थापा और माता शिवा थापा को दी। वे भी अगले दिन नेपाल से फरीदाबाद आ गए।