फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘जश्न-ए-अदब’ में दूसरे दिन: साहित्य, संवाद और हास्य की त्रिवेणी में डूबे रहे छात्र

Sun, 03 Mar 2019 12:50 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
जश्न ए अदब - फोटो : हिमांशु सोनी
जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी में साहित्योत्सव ‘जश्न-ए-अदब’ में दूसरे दिन शनिवार को उर्दू शायदी और साहित्य के विभिन्न रूपों की पेशकश ने छात्रों को रोमांचित कर दिया। हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव की मौजूदगी ने शाम के आखिरी पड़ाव में समारोह को और खुशगवार बना दिया। इससे पहले की राजू के चाहने वाले उनसे सवाल-जवाब करते, उन्होंने हास्य चुटकलों की बौछार शुरू कर दी। इस कार्यक्रम में अमर उजाला साहित्यकारों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए मीडिया पार्टनर की भूमिका अदा कर रहा है।

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
जश्न ए अदब - फोटो : हिमांशु सोनी
कार्यक्रम की शुरुआत उर्दू शायरी में बैतबाजी से हुई। इसके बाद रहमान अब्बास और खालिद जावेद के शायरी संग्रह की प्रस्तुति ने छात्रों को उर्दू भाषा की गहराई और शालीनता से अवगत कराया। कैफी आजमी पर आयोजित की गई पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी छात्रों ने बढ़ चढ़कर भागीदारी की। सिनेमा में लोक तत्व के मुद्दे पर लोक प्रभाव को लेकर बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी, कथाकार अशोक्र चक्रधर और मुकेश गर्ग ने उज्मा जाफरी के साथ बातचीत की। इस चर्चा में छात्रों को सिनेमा में लोक प्रभाव को समझाने की कोशिश की गई।
 
विज्ञापन

3 of 5
जश्न ए अदब - फोटो : हिमांशु सोनी
रेडियो और थियेटर का महत्व जाना
युवा मुशायरे ने कार्यक्रम में नया जोश भर दिया। युवा साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं को पेश कर अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में रेडियो की सामाजिक जिम्मेदारियां विषय पर रेडिया जॉकी नवेद और सोनिया सिंह ने बातचीत की और समाज में रेडियो के महत्व को बताया। शाम  को  थियेटर जगत से जुड़ी नादिरा बब्बर, राज बिसारिया और दानिश इकबाल के बीच ‘थियेटर इन ईस्ट एंड वेस्ट’ विषय पर चर्चा की गई। इस दौरान दुनिया में ईस्ट से लेकर वेस्ट तक थियेटर की भूमिका और महत्व के बारे में छात्रों को जागरूक किया गया। 
 

4 of 5
जश्न ए अदब - फोटो : हिमांशु सोनी
राजू श्रीवास्तव ने साझा किए अनुभव  
‘काव्य मर्म से हास्य शिखर तक’ विषय पर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा किए। साहित्यकारों से रूबरू हो रहे छात्र हास्य चुटकलों को सुनकर बेहद उत्साहित नजर आए। राजू ने अपने करियर से जुड़ी कई चीजों के बारे में छात्रों को बताया। आलम यह था कि कार्यक्रम में हंसी के ठहाकों के बीच राजू के गजोधर अवतार पर सवाल किए गए। गजोधर का नाम आने पर राजू ने खुलासा किया कि बचपन में उनके नाई अंकल का नाम गजोधर था और एक परिक्षण के तौर पर उन्होंन गजोधर के नाम का प्रयोग किया था, लेकिन वह इतना असरदार हुआ कि लोग उन्हें ही गजोधर पुकारने लगे। इसके बाद साहित्यकारों ने कवि सम्मेलन के जरिये छात्रों का मनोरंजन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जश्न ए अदब - फोटो : हिमांशु सोनी
उधर, 21 वीं सदी में ‘उर्दू उपन्यास’ विषय पर अली अहमद फातमी, खालिद जावेद, बेग एहसास ने रहमान अब्बास के साथ चर्चा की। वर्तमान में भाषा प्रभाव के बढ़ते महत्व के मद्देनजर उर्दू भाषा के उपन्यासों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही उर्दू भाषा की जरूरत पर भी जोर दिया गया। अन्य सत्र में जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच कैफी आजमी पर पेपर प्रजेंटेशन और बहस आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने अपनी प्रतिभा प्रदर्शन किया।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें