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जब टूट गई सारी उम्मीद तो 'शराब' का लिया सहारा और ठीक कर दिया इस गर्भवती का कैंसर

Sun, 09 Apr 2017 11:27 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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शराब को नरक का द्वार माना जाता है। देश ही नहीं दुनियाभर में शराब की वजह से रोज न जाने कितने लोग अपनी जान गंवाते हैं और लाखों घरों के टूटने और बर्बाद होने का कारण भी शराब को ही माना जाता है। (स्टोरी साभारः डेलीमेल)
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अगर आपसे कोई ये कहे कि शराब में चमत्कारी असर होता है और ये किसी की जिंदगी बचा सकता है तो शायद आप यकीन न करें। लेकिन दिल्ली में 28 वर्षीय महिला के साथ ऐसा ही चमत्कार हुआ है।
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श्रुति झा की उम्र 28 साल है और वो कैंसर की बीमारी (स्पाइन ट्यूमर) से पीड़ित थीं। इसकी वजह से उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवे का शिकार हो चुका था।

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इसी दौरान उन्हें पता चला कि वो प्रेग्नेंट हैं। इस जानकारी ने घर में खुशी फैलाने की जगह उनके पूरे परिवार को और भी चिंता में डाल दिया। क्योंकि ऐसी स्थिती में बच्चे का जनना दोनों के लिए ही जानलेवा साबित हो सकता था।
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तमाम अस्पताल और डॉक्टरों का चक्कर लगाने के बाद अंत में वो दिल्ली के अखिल भारतीय चिकित्सा संस्‍थान (AIIMS) पहुंची। कई राउंड की जांच के बाद डॉक्टर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि श्रुति के कैंसर वाले हिस्से पर शराब का इस्तेमाल किया जाए।
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डॉक्टरों के लिए ये फैसला इतना आसान नहीं था। कई राउंट की बातचीत और तमाम टेस्ट के बाद आखिर ये फैसला लिया गया कि श्रुति के ट्यूमर पर शराब का प्रयोग किया जाएग जिससे कि उनके ट्यूमर को जलाया जा सके।
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डॉक्टरों के इस प्रयोग ने चमत्कारी असर दिखाया और श्रुति का कैंसर ठीक होने लगा। अब वो अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं और सबसे बड़ी खुशी की बात ये है कि अब वो अपने बच्चे को जन्म देने के लिए भी तैयार हैं।

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इस केस को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस ‌पत्रिका में भी छापा गया है। इस बारे में एम्स के डॉक्टर पीएस चंद्रा का कहना है कि श्रुति का ऑपरेशन करना संभव नहीं था क्योंकि इस ऑपरेशन में चार से छह घंटे का वक्‍त लगने वाला था और इसमें बहुत ज्यादा रक्तस्राव होता जो जच्‍चा-बच्चा के लिए जानलेवा साबित हो सकता था।

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इसके साथ ही साथ ट्यूमर के इलाज में तीन से चार लाख रुपये का खर्च भी आता। जबकि कुछ सौ रुपयों के शराब ने इन दोनों ही जटिलाताओं को खत्म कर दिया।
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डॉक्टरों का कहना है कि प्योर शराब में 99% एथनॉल होता है जो ट्यूमर के किटाणुओं को जला देता है। ऑपरेशन के बारे में श्रुति का कहना है कि उन्होंने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वो कभी भी मां बन सकती हैं। लेकिन अब मैं चल-फिर भी सकती हूं और जिम में वर्कआउट भी करती हूं।
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