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अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप पहुंची हिंडन एयरबेस, इसकी खासियतों से घबराएगा दुश्मन

Sat, 27 Jul 2019 03:32 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप पहुंची हिंडन एयरबेस - फोटो : ANI
भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों के बेड़े में आज एक नया सदस्य शामिल हो गया। ये है अमेरिकी लड़ाकू एएच-64ई अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर जिसका इंतजार भारतीय वायुसेना को काफी समय से था और आज यह इंतजार खत्म हो गया। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इसकी पहली खेप बोइंग एएच-64 ई अपाचे गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच गया है।



 
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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : Social media
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक शनिवार (27 जुलाई) को इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर की पहली खेप भारतीय वायुसेना के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच रही है। इस खेप में 3-4 हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। भले ही शनिवार को अपाचे हेलीकॉप्टर आज भारत पहुंच रहे हैं लेकिन पठानकोट में इन्हें रूसी विमान एमआई-35 की जगह लेने में और स्क्वाड्रन में तैनाती के लिए एक महीने का इंतजार करना होगा।
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AH-64E (I) अपाचे गार्डियन हेलिकॉप्टर - फोटो : PTI
मालूम हो कि भारत ने अमेरिका से 22 हेलीकॉप्टर खरीदे हैं। बताया जा रहा है कि आज (27 जुलाई) यह एन 224 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंच जाएगा। अगस्त के आखिरी हफ्ते में यह भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से पठानकोट में तैनात हो जाएगा।

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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : ANI
भारतीय सेना में शामिल होने वाला नया जंगी जहाज (हेलीकॉप्टर) अपाचे अनूठी और अपार युद्धक क्षमताओं से लैस है। अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की रक्षात्मक क्षमता तो बढ़ाएगा ही इससे सेना को जमीन पर मौजूद खतरों से लड़ने में भी मदद मिलेगी। अपाचे भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को भी रफ्तार देगा।
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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : ANI
अमेरिका ने इस हेलीकॉप्टर का भरपूर इस्तेमाल इराक और अफगानिस्तान में किया और इजरायल भी गाजा में इसी हेलीकॉप्टर के दम पर अपने दुश्मनों पर कहर ढाता रहा है। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वॉर जोन में लड़ाई के समय कतई फेल न हो।
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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : ANI
जानकारी के अनुसार पठानकोट में एएच-64ई अपाचे के पहले कमांडिंग अफसर ग्रुप कैप्टन एम शायलू होंगे। पठानकोट में तैनात वायुसेना की 125 हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन वर्तमान में एमआई-35 उड़ाती है और अब ये देश की पहली अपाचे स्क्वाड्रन होगी। दूसरी स्क्वाड्रन असम के जोरहाट में तैनात होगी। आगे जानिए इसकी खासियतें...
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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : ANI

अपाचे की खासियतें

* इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। 
* अपाचे को रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।
* सबसे खतरनाक हथियार : 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता।
* हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं।
* अपाचे की फ्लाइंग रेंज करीब 550 किलोमीटर है। 
* अपाचे हेलीकॉप्टर एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है।
* नाइट विजन सिस्टम की मदद से रात में भी दुश्मनों की टोह लेने, हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट दागने और मिसाइल आदि ढोने में सक्षम।
* अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्मन पर हमला कर सकता है।
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